फर्जी मुठभेड़–एनकाउंटर से पहले सरेंडर करने कचहरी पहुंचा था गौकश चांद

वकील के चैंबर के नीचे हथियार लेकर जुट गई थी एसओजी, चांद का वीडियो वायरल होने से उठे कई सवाल

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में एक कथित पुलिस मुठभेड़ ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। एनकाउंटर के 24 घंटे भी नहीं हुए कि इसके अगले दिन ही एनकाउंटर में गिरफ्तार बताये जा रहे शातिर गौकश का अपने अधिवक्ता के चैंबर में रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो सामने आने पर पुलिस कठघरे में आ गई है। इस वीडियो में आरोपी कांपती आवाज़ में जान का खौफ बयान करते हुए कह रहा है कि पुलिस उसका एनकाउंटर करना चाहती है, लेकिन वो सरेंडर करने आया है। यहां एसओजी के लोग हथियार लेकर चैंबर के नीचे उसका इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद फर्जी एन्काउंटर की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
उल्लेखनीय है कि गोवध और अन्य आपराधिक मामलों में वांछित 10 हजार के इनामी चांद मोहम्मद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। लगभग ढाई मिनट के इस वीडियो में चांद जिला कचहरी में किसी वकील के एक चेंबर में बैठा हुआ, हाथ जोड़कर रोते हुए कहता है कि एसओजी उसके फर्जी एन्काउंटर के लिए कोर्ट परिसर में ही घात लगाए बैठी है। वीडियो में उसने कहाकृकि मैं सरेंडर करने आया हूं, पर नीचे एसओजी वाले पूरी तैयारी के साथ खड़े हुए हैं, वो मुझे मार डालेंगे। मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं, मैंने कोई गुनाह नहीं किया। मेरे खिलाफ झूठे केस लगाए गए हैं। मेरी जान बचा लो। वीडियो में वह अपने जीवन के खतरे का जिक्र करते हुए बार-बार कहता है कि उसे पहले भी फर्जी तरीके से मामलों में फंसाया गया है और अब उसे मारने की तैयारी हो चुकी है।

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इसके साथ ही चांद मोहम्मद के वकील आस मोहम्मद ने भी एक अलग वीडियो में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहाकृकि मेरा मुवक्किल कोर्ट में सरेंडर करने आया है, लेकिन हथियारबंद एसओजी नीचे घात लगाए है। यह फर्जी एनकाउंटर की साजिश लगती है। अब तक चांद पर कोई आरोप साबित नहीं हुआ, फिर भी पुलिस उसे जान से मारने पर तुली है। वकील के अनुसार उन्होंने 16 नवंबर को सरेंडर आवेदन लगाया था, लेकिन जांच रिपोर्ट लंबित रहने से तारीख आगे बढ़ती रही। वकील का आरोप है कि पुलिस सुनियोजित तरीके से सरेंडर को रोककर आरोपी को खत्म करना चाहती थी। वीडियो सामने आने के पहले ही शुक्रवार दोपहर शहर कोतवाली पुलिस ने चांद मोहम्मद को मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार करने का दावा किया। पुलिस का कहना है कि पिन्ना बाईपास पर घेराबंदी के दौरान चांद ने फायरिंग की, जिसके जवाब में उसे गोली लगी। उसके पास से एक तमंचा बरामद करने का दावा भी किया गया।
पुलिस के अनुसार चांद मोहम्मदकृपुत्र अली हसन निवासी कैलाशपुर गोहत्या मामलों सहित 7 मुकदमों में वांछित है। वो 4 मामलों में फरार चल रहा था। मुजफ्फरनगर, कानपुर देहात और हरिद्वार में उसके खिलाफ केस दर्ज मिले हैं। नई मंडी थाना क्षेत्र से 10 हजार का इनाम घोषित किया गया था। वीडियो में चांद जिस अंदाज में अपनी जान पर खतरे की बात करता है और उसके 24 घंटे बाद हुई मुठभेड़कृइन दोनों ने मिलकर मामले को संदेहास्पद बना दिया है। वीडियो में चांद कहता है कि उसे नूर मोहम्मद ने झूठा फंसाया है। वह गरीब परिवार से है और बार-बार कहता है कि उसके छोटे बच्चों की चिंता है और पुलिस उसे गोली मारेगी यह तय कर लिया गया है। वीडियो, सरेंडर की याचिका और उसके अगले ही दिन हुई मुठभेड़ ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। इसमें एक बार फिर से पुलिस की कार्यप्रणाली पूरी तरह से कठघरे में कई सवालों के बीच खड़ी नजर आती है।

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