खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर छपार में 10 कुंतल मिलावटी मावा किया बरामद, दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज, मावा की भट्ठी को सील
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना में नकली दूध बनाने वाले अकबर मिल्क चिलिंग प्लांट का पकड़ने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की सहायक आयुक्त द्वितीय अर्चना धीरान के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अब गुप्ता जी की भट्ठी पर तैयार हो रहे नकली मावा के कारोबार का भंड़ाफोड़ किया है। छपार क्षेत्र में छापेमारी कर करीब 10 कुंतल मावा बरामद किया, इसके जन स्वयास्थ्य के लिए हानिकारक होने के कारण इसको मौके पर ही अफसरों ने नष्ट कराया। अफसरों ने दावा किया है कि मावा निर्माण में विभिन्न खाद्य सामग्री और वनस्पति वसा के साथ ही हानिकारक केमिकल और इसबगोल का इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले में थाना छपार में दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप कुमार के द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक 25 अगस्त को खाद्य सुरक्षा विभाग को छपार क्षेत्र में कथित रूप से मिलावटी खोया तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पुलिस बल के साथ छपार पहुंची और करीब 500 मीटर आगे जाकर टिंकू मावा भट्ठी पर छापेमारी की। मौके पर एक व्यक्ति मावा तैयार करता मिला, जिसने अपना नाम टिंकू पुत्र चंद्रभान निवासी ग्राम छपार बताया।
कार्रवाई के दौरान टीम को मौके पर करीब 10 कुंतल मावा भंडारित मिला। इसके अलावा एमपी नन्दिनी ब्रांड, रसोई गोल्ड वनस्पति, इंटर-एस्टेरिफाइड वेजिटेबल फैट, बिस्कुट की भूसी, सेल्फी पाउडर और अन्य सामग्री बरामद होने का उल्लेख एफआईआर में किया गया है। मौके पर एक बॉयलर, दो कड़ाही और मिक्सचर मशीन से मावा निर्माण किए जाने की बात भी कही गई है। एफएसओ संदीप के अनुसार भट्ठी संचालक ने पूछताछ में मावा तैयार कर मावा मंडी मुजफ्फरनगर के आढ़ती नितिन गुप्ता को बिक्री करने की बात बताई। तैयार मावा को बाजार और मावा मंडी में बेचने का भी उल्लेख किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से विभिन्न सामग्रियों के विधिक नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित किए।
तैयार मावा को स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक प्रतीत होने पर नियमानुसार नष्ट करा दिया गया। मामले में पुलिस ने टिंकू पुत्र चंद्रभान, निवासी छपार और नितिन गुप्ता मावा आढ़ती, मावा मंडी मुजफ्फरनगर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 112, 123, 223, 274, 275 और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार टिंकू को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जबकि मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अनवर अब्बास को सौंपी गई है।
बिना लाइसेंस चल रहा था मावा बनाने का कारोबार
सहायक आयुक्त खा़द्य अर्चना धीरान ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा लाइसेंस प्राप्त किए बिना खाद्य व्यवसाय संचालित किया जा रहा था। एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इसके साथ ही टिंकू मावा भट्टी पर खाद्य कारोबार का संचालन पूर्ण रूप से बंद करा दिया गया है। कार्रवाई के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त की। इसमें करीब 648 किलोग्राम एसएमपी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग दो लाख रुपये है, 176 किलोग्राम वनस्पति, जिसकी अनुमानित कीमत 37,678 रुपये तथा 43 किलोग्राम इंटरस्ट्रेटिफाइड फैट, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 हजार रुपये है, शामिल है। कुल मिलाकर 867 किलोग्राम सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 2,47,678 रुपये बताई गई है। जब्त सामग्री को नियमानुसार खाद्य कारोबारकर्ता की अभिरक्षा में सौंप दिया गया। कार्रवाई का नेतृत्व सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय अर्चना धीरान और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान ने किया। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप सिंह, वैभव शर्मा, सुनील कुमार, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विशाल चौधरी, नेहा चौधरी और श्रीमती पूनम चौधरी शामिल रहे।
