उद्यमी सतीश गोयल की गौशाला में आया नया मेहमान

मुजफ्फरनगर। धर्म और संस्कृति के प्रति हमेशा ही संवेदनशील रहते हुए समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहने वाले जनपद के प्रमुख उद्यमी और समाजसेवी सतीश चन्द गोयल की गौशाला में सोमवार को एक नये मेहमान का आगमन हुआ। इस मेहमान के आने से पूरे गोयल परिवार में हर्ष और उल्लास नजर आ रहा है। उन्होंने खुद गौशाला पहुंचकर इस नये मेहमान को गोद में उठाते हुए पुच्कार और दुलार करते हुए स्वागत किया।

टिहरी आयरन प्रा. लि. के चेयरपर्सन समाजसेवी सतीश चन्द गोयल के परिवार में सोमवार को हर्ष का वातावरण बना नजर आया। वो मुख्य रूप से कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ जुड़े रहकर धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कार्य करते हुए समाज सेवा में भी अग्रणी रहते हैं। गौवंशीय पशुओं के प्रति उनकी आस्था और संस्कार भी सभी को प्रेरित करते हैं। उनकी फैक्ट्री टिहरी आयरन में गौवंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए गौशाला बनी हुई हैं। यहां पर उनके द्वारा दुनिया की सबसे छोटी गाय पुंगनूर को भी संरक्षित किया गया है। यह गाय उस समय पूरी दुनिया में चर्चा का कारण बनी थी, जबकि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी गौशाला में इस गाय को चारा खिलाकर इसका सत्कार करते हुए नजर आये थे।

इसे भी पढ़ें:  नई मंडी में जर्जर टेलीफोन खंभा बना खतरा, हादसे की आशंका

सोमवार को उद्यमी सतीश गोयल की गौशाला में पुंगनूर गाय का प्रसव हुआ और इस गाय ने एक स्वस्थ बछड़े को जन्म दिया। इसकी जानकारी मिलने पर सतीश गोयल गौशाला पहुंचे और वहां गौ माता को दुलार करने के साथ ही नवजात बछड़े को अपनी गोद में उठाकर उसको भी दुलार किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह परिवार में कोई सदस्य आने जैसे हर्ष का ही अवसर है। उन्होंने पिछले दिनों अपनी गौशाला मं पुंगनूर गाय को संरक्षित करने के लिए दो गाय और एक बछड़ा मंगाया था। इस गाय की कीमत करीब दो लाख रुपये है। अब यह परिवार और बढ़ा है। गौमाता और नवजात बछड़ा स्वस्थ हैं।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि भारत की हर देसी गाय की नस्ल अपने आप में ख़ास है, ऐसी ही एक विलुप्त होती गाय की नस्ल है पुंगनूर जो अपने छोटे कद के लिए पूरी दूनिया में मशहूर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल के कारण इसे अब संरक्षित करने की दिशा में काम चल रहा है। सतीश गोयल ने बताया कि आम गाय के दूध में जहाँ 3.5 प्रतिशत फैट होता है, वहीं पुंगानुर में 8 प्रतिशत फैट पाया जाता है। ये गाय एक दिन में दो से तीन लीटर तक दूध देती है। अगर इसके चारे की बात करें तो एक दिन में 5 किलो तक चारा खा लेती है।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में यूजीसी इक्विटी एक्ट के विरोध में उग्र हुआ वैश्य समाज
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *