तीन करोड़ की नकली एनसीईआरटी किताबें बरामद, आठ गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर। पुलिस ने संयुक्त अभियान के दौरान एनसीईआरटी की नकली किताबों को छापमार मार्किट में उतारने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसमें गिरोह के आठ लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इनके कब्जे से करीब तीन करोड़ रुपये कीमत की एनसीईआरटी की नकली किताबें बरामद की हैं। ये लोग हरियाणा में इन किताबों की छपाई कराने के बाद अलग अलग राज्यों और जनपदों में आपूर्ति किया करते थे।

एसएसपी संजय वर्मा ने सोमवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि खतौली पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्यवाही के दौरान एनसीईआरटी की नकली किताबें छापकर बाजार में उतारने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। बताया कि बीती रात खतौली पुलिस व एसओजी ने संयुक्त रूप से मुखबिर के सूचना पर इस शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के आठ सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 3 गाड़ियां, 1 लाख 33 हजार किताबे, जिनकी कीमत लगभग 3 करोड़ बताई जा रही है जब्त की हैं। इसके साथ ही अन्य सामान भी इनके कब्जे से मिला है। ये लोग हरियाणा राज्य के पानीपत जनपद के समालखा में प्रिंटिंग प्रेस लगाकर वहां पर इन एनसीईआरटी की किताबों को छपवाने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में आपूर्ति करने का काम कर रहे थे।

बीती रात भी ये लोग मेरठ से खतौली स्थित अपने गोदाम पर आ रहे थे, इसी बीच पुलिस ने पुराने चीत के पास चैकिंग के दौरान इनको पकड़ लिया और इनकी गाड़ी से बड़ी तदाद में एनसीईआरटी की किताबों को बरामद किया गया है। इनके द्वारा एनसीईआरटी की नकली किताबों को विभिन्न राज्यों में बेचकर राजस्व हानि पहुंचाने का काम किया जा रहा था। हरियाणा पुलिस से समन्वय बनाकर समालखा में इनकी प्रिंटिंग प्रेस को सीज कराया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में आदिल मेवाती, अनिल चौहान, राहुल राणा, राजू शर्मा, ताराचंद, सतेन्द्र सिंघल, जावेद और अमित सैनी शामिल हैं, जो सभी मेरठ जनपद के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो एक संगठित गिरोह चलाते हैं और एनसीईआरटी की नकली किताबों को छपवाने के बाद बाजार में उतारकर आर्थिक लाभ अर्जित करते हैं। उनका गोदाम खतौली के गांव भैंसी में स्थित हैं, वहां से भी पुलिस ने भारी मात्रा में नकली किताबें और दूसरा सामान बरामद किया है। 

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