सीएम योगी से मिले पूर्व विधायकों ने मांगी सुरक्षा, सम्मान और दोगुनी पेंशन

मुजफ्फरनगर। भाजपा के पूर्व विधायकों ने मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पूर्व जनप्रतिनिधियों को सम्मान, सुरक्षा और सुविधा का मसला उठाते हुए दोगुनी पेंशन की व्यवस्था कराये जाने के साथ ही कुछ अन्य समस्याओं को उनके सामने रखते हुए निस्तारण की मांग की। इन पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष देख में लगातार बढ़ रही महंगाई की समस्याओं को उठाया और टोल पर पूर्व जनप्रतिनिधियों को फ्री यात्रा की व्यवस्था कराये जाने की आवाज को भी बुलंद किया। उनका कहना था कि अन्य लोगों को टोल पर फ्री यात्रा की सुविधा मिलने से पूर्व जनप्रतिनिधि खुद को अपमानित महसूस करते हैं। इस मुलाकात के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी की हार को लेकर भी फीडबैक लिया और विस्तारपूर्वक चर्चा की।

जिले के पूर्व विधायक अशोक कंसल और सुशीला अग्रवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ जाकर मुलाकात की। इस भेंट के दौरान भाजपा के दोनों पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी के समक्ष पूर्व जनप्रतिनिधियों के लिए पेश आने वाली समस्याओं को उठाते हुए अपना 4 सूत्री मांग पत्र भी उनको सौंपा। पूर्व विधायक अशोक कंसल ने मुख्यमंत्री योगी के समक्ष सबसे पहले इस बात को लेकर नाराजगी व्यक्त की है कि भाजपा के भी पूर्व जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कोई भी समय नहीं दिया जाता है। इससे सभी खुद को अपमानित महसूस करते हैं। अशोक कंसल ने अपने पत्र में भी इसका उल्लेख करते हुए सीएम योगी से शिकायत भरे लहजे में कहा कि उनकी पहली सरकार के कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा खुद संवेदनशील होकर पूर्व जनप्रतिनिधियों से सम्पर्क करने के लिए समय और दिन तय किया गया था, लेकिन दूसरी पारी की सरकार के कार्यकाल में इस व्यवस्था को लागू नहीं किया गया, इससे जनप्रतिनिधियों को उनसे सम्पर्क करने के लिए भारी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। वो खुद ऐसी ही परेशानी के भुक्तभोगी हैं। अशोक कंसल ने सीएम योगी को बताया कि उनके द्वारा उनसे मिलने के लिए कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय के दूरभाष पर अपना नाम अंकित कराकर प्रतीक्षा की गई, लेकिन कोई भी समय नहीं दिया गया। न जाने कैसे करके वो आज आप तक पहुंचे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूर्व जनप्रतिनिधियों के लिए प्राथमिकता पर समय निर्धारित कराने की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

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इसके साथ ही पूर्व विधायक अशोक कंसल और सुशीला अग्रवाल ने पूर्व जनप्रतिनिधियों की अन्य समस्याओं को उठाते हुए कहा कि वर्तमान में महंगाई अत्याधिक बढ़ रही है। इसलिए पूर्व विधायकों को दी जा रही पेंशन और रेलवे कूपनों को दोगुना किया जाना चाहिए। दूसरे प्रदेशों में यह यूपी के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है। पूर्व विधायकों को टोल रोड पर निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाये, क्योंकि दूसरे लोगों को यह सुविधा मिलने से वो अपने आपको अपमानित महसूस करते हैं। इसके साथ ही पूर्व विधायकों को सुरक्षा के दृष्टिगत कम से कम एक गनर की सुविधा निःशुल्क सरकार स्तर पर उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध भी भाजपा के पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री से किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व विधायकों को आश्वस्त किया कि वो इन सभी बिन्दुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए निर्णय लेंगे। अशोक कंसल ने बताया कि मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी की हार और मीरापुर सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव की स्थितियों को लेकर भी चर्चा करते हुए फीडबैक लिया।

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सुशीला अग्रवाल 1996 तो अशोक कंसल 2007 में बने थे विधायक

मुजफ्फरनगर। सुरक्षा, सम्मान और पेंशन राशि में बढ़ोतरी की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने वाले भाजपा के पूर्व विधायकों में शामिल सुशीला अग्रवाल अयोध्याम के राम मंदिर आंदोलन की लहर के बीच विधायक बनी थी। भाजपा ने अपने पिछले दो बार 1991 और 1993 के चुनाव से मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हो रहे सुरेश संगल का टिकट काटकर 1996 के चुनाव में सुशीला अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया था। सुशीला अग्रवाल का मुकाबला जनता दल के प्रत्याशी सोमांश प्रकाश के साथ हुआ। इस चुनाव में 51.52 प्रतिशत मतदाताओं ने वोटिंग की। कुल 157825 वोटों में से सुशीला अग्रवाल ने 60696 मत लेकर सोमांश प्रकाश को 7552 मतों के अंतर से पराजित किया और इस सीट पर मालती शर्मा एवं चारूशीला के बाद तीसरी महिला विधायक निर्वाचित हुई। उनके बाद आज तक इस सीट पर महिला प्रत्याशी की जीत नहीं हुई।

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अशोक कंसल को भाजपा ने साल 2007 के चुनाव में मुजफ्फरनगर सीट से प्रत्याशी बनाया। उनका मुकाबला सदर सीट से सपा के सीटिंग विधायक चितरंजन स्वरूप के साथ हुआ। इस चुनाव में 43.12 प्रतिशत मतदाताओं ने ही वोट डाले, कुल 156744 मतों में से अशोक कंसल ने 49817 वोट प्राप्त किये और चितरंजन स्वरूप यह चुनाव 11261 मतों के अंतर से पराजित हो गये। हालांकि चितरंजन स्वरूप ने 2012 के चुनाव में भाजपा के सीटिंग विधाकय अशोक कंसल को पराजित कर सदर सीट से जीत दर्ज की थी।

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