BKU MAHAPANCHAYAT-सजरे से ज्यादा एक इंच जमीन भी नहीं देंगे ग्रामीण-किसान

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-थानाभवन मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर भारतीय किसान यूनियन के द्वारा शनिवार को चरथावल ब्लॉक परिसर में किसान महापंचायत का आयोजन किया। इस दौरान किसान नेताओं ने जिले के अफसरों पर तानाशाही करने और भ्रष्टाचार के जरिये किसानों, ग्रामीणों एवं व्यापारियों का उत्पीड़न करने के आरोप लगाते हुए खुला ऐलान किया कि चौड़ीकरण कार्य में सजरे से ज्यादा एक इंच भी जमीन नहीं दी जायेगी। जमीन चाहिए तो सरकार और प्रशासन को उसके लिए हर एक इंच के लिए सर्किल रेट से चार गुणा अधिक मूल्य पर मुआवजा देना ही होगा। चेतावनी दी कि अब यदि अफसरों ने निर्माण ध्वस्त करने के लिए जेसीबी चलवाई तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जायेगा। बाद में एसडीएम सदर निकिता शर्मा ने किसानों के बीच पहुंचकर उनको आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को लेकर काम किया जा रहा है। शासन को भी मांग भेजी जा रही है।

बता दें कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने केन्द्रीय सड़क निधि के तहत मुजफ्फरनगर से थानाभवन तक मार्ग चौड़ीकरण का कार्य मंजूर कराया था। यह कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। इसमें कई गांवों में सड़क के चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा जमीन खाली कराने को निर्माण को ध्वस्त कराने की कार्यवही की जा रही है, जो विवादों में आ गई है। पिछले दिनों इस मामले में किसानों, ग्रामीणों और व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन के युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा ने महापंचायत का ऐलान किया था। इसी के तहत शनिवार को चरथावल ब्लॉक परिसर में किसानों की महापंचायत हुई और इसमें अफसरों पर मनमानी करते हुए लोगों के मकान और दुकान को अतिक्रमण बताकर तोड़ने के आरोप लगाये गये हैं। महापंचायत में भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन अपनी मनमानी से बाज आ जाये, नियमानुसार काम करे, हमें कोई परेशानी नहीं है, लोगों के मकानों को तोड़कर उनकी निजी भूमि सड़क में लेने का खेल यहां नहीं चलने दिया जायेगा।

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महापंचायत में भाकियू के युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा ने अफसरों के खिलाफ जमकर आग उगली। उन्होंने कहा कि ये किसानों का जिला है, यहां पर अफसरशाही नहीं चलने दी जायेगी। किसान यहां पर भीषण गर्मी में महापंचायत में बैठे हैं, लेकिन अफसर बात करने को तैयार नहीं है। दधेडू से राई नगला तक सड़क के चौड़ीकरण के लिए जो भी भूमि सजरे में आ रही है, वो ही जमीन किसान और ग्रामीण देंगे। इससे एक इंच भी ज्यादा जमीन नहीं दी जायेगी। सजरे से ज्यादा यदि जमीन प्रशासन या लोक निर्माण को चाहिए थे तो एक एक इंच के लिए ग्रामीणों और किसानों को तय सर्किल रेट से चार गुणा अधिक मुआवजा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही पीनना बाईपास, खतौली और देहरादून हाईवे पर भी इसी व्यवस्था के तहत मुआवजा दिया गया है, तो मुजफ्फरनगर-थानाभवन मार्ग पर निर्माण के लिए ली जा रही भूमि पर यह व्यवस्था लागू क्यों नहीं की जा रही है। अंग्रेजी हुकूमत से लेकर आज तक किसानों और ग्रामीणों और व्यापारियों ने देशहित के लिए कुर्बानी दी हैं। अंग्रेजी काल में देश के लिए फांसी खाई है।

देश और प्रदेश के विकास में भी ग्रामीणों, किसानों और व्यापारियों ने बड़ा योगदान दिया है। इनके घरों पर जबरदस्ती जेसीबी नहीं चलाने दी जायेगी। मकान बनवाने में फेल होने वाले अफसर मकानों को तोड़कर सड़क पर परिवारों को लाने का काम किया जा रहा है। ये तानाशाही नहीं चलने दी जायेगी। यह जिला बाबा टिकैत का है, किसानों का है, यहां पर किसानों के साथ सहमति बनाकर काम करना पड़ेगा। अफसरों ने जबरदस्ती कार्य किया तो उनको ईंट का जवाब पत्थर से देने को हम तैयार हैं। किसानों से सात प्रतिशत का ब्याज गन्ना सोसायटी पर जबरन काटा जा रहा है। किसानों से लूट-खसोट करने का काम किया जा रहा है। किसानों को नोटिस देकर उनका कनेक्शन काटकर नलकूपों को बंद किया जा रहा है। किसान इस भीषण गर्मी में बिना बरसात के अपने खेतों की फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहा है। सरकार कह रही है कि किसानों को फ्री में बिजली दी जा रही है। आलम यह है कि कल्लरपुर का राजवाहा सूखा पड़ा है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। सरकार के आदेशों को भी ठेंगा दिखाने का काम जिला प्रशासन के अफसर कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि जितना कठिन संघर्ष होगा, सफलता उतनी ही मिठास लेकर आयेगी। इसके लिए सभी से एकजुट होकर लड़ाई लड़नी चाहिए। किसान बाबा टिकैत का सिपाही है और महात्मा गांधी को पूजते हैं, लेकिन जब उत्पीड़न होगा तो भगत सिंह की विचारधारा अपनाने में हमें देर नहीं लगेगी। हम लड़ाई लड़ने के लिए गोली खाने से भी नहीं डरेंगी। दोपहर तक भी महापंचायत में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो किसानों में आक्रोश नजर आया। भोजन के बाद मुजफ्फरनगर कूच का ऐलान होने के कुछ ही देर बाद एसडीएम सदर निकिता शर्मा, तहसीलदार सदर राधेश्याम और एसएचओ चरथावल जसवीर सिंह फोर्स के साथ वहां पर पहुंचे। किसानों ने एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को अपने साथ धरने पर ही बैठा लिया। एसडीएम के साथ वार्ता करते हुए अपनी मांग रखी और साफ कर दिया कि सजरे से ज्यादा की भूमि बिना मुआवजा तय हुए नहीं दी जायेगी। इससे पहले किसी का भी निर्माण ध्वस्त नहीं करने देंगे। एसडीएम सदर ने बताया कि सभी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इस मामले में सहमति बनाकर चौड़ीकरण का कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा। 

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