MUZAFFARNAGAR-आये दिन धरनों से तंग आये उद्योगपतियों में आक्रोश

मुजफ्फरनगर। फैक्ट्रियों द्वारा वायु और जल प्रदूषण का मामला सांसद हरेन्द्र मलिक द्वारा संसद में उठाया जा चुका है। इसके साथ ही जनपद की 22 फैक्ट्रियों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा की गई कार्यवाही भी अभी चर्चाओं में बनी है। ऐसे में मंगलवार को प्रदूषण की समस्या को लेकर एक पेपर मिल का घेराव और प्रदर्शन करने को लेकर भारतीय किसान यूनियन तोमर के पदाधिकारियों के खिलाफ उद्योगपतियों ने एकजुट होकर अनावश्यक दबाव बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से मिलकर इस परिपाटी से निजात दिलाने की मांग की। रोजमर्रा के इन धरनों से उद्योग पतियों में भारी आक्रोश बना नजर आया। वहीं उद्योगपतियों की पीड़ा को सुनकर डीएम ने एसडीएम सदर और सीओ भोपा को फोर्स के साथ फैक्ट्री पर भेजा और उनसे मामले की रिपोर्ट मांगी। डीएम ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि अनावश्यक दबाव बनाने वालों के खिलाफ कार्यवाही होगी।

भारतीय किसान यूनियन के तोमर के पदाधिकारी मंगलवार को ट्रैक्टर ट्रालियों और कारों में सवार होकर भोपा रोड पर गांव मखियाली के पास स्थित मीनू पेपर मिल पर पहुंचे। यहां पर किसान नेताओं ने पहले तो गेट खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन जब चौकीदार द्वारा मिल का गेट नहीं खोला गया तो कुछ किसान गेट के ऊपर से कूदकर अंदर घुस गये और गेट को जबरन खोलकर ट्रैक्टर भी अंदर घुसाते हुए गेट पर ही धरना शुरू कर दिया। इससे फैक्ट्री में आवागमन बिल्कुल बंद हो गया। यूनियन के नेताओं ने आरोप लगाये कि मीनू पेपर मिल के द्वारा वायु और जल प्रदूषण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिससे मखियाली के साथ ही आसपास के गांवों में लोग बीमार हो रहे हैं। बार बार शिकायत के बावजूद भी मिल के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस धरने के शुरू होने के साथ ही मिल में आने वाले भारी वाहन भी बाहर ही खड़े रह गये। किसानों ने पूरी तरह से मिल गेट को कब्जे में ले लिया और समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

इसे भी पढ़ें:  नए रालोद जिलाध्यक्ष का जोशीला स्वागत, कार्यकर्ताओं ने सिर पर उठाया

इसके बाद मिल के मालिक मनीष कपूर और अजय कपूर ने अपनी बात और रोजमर्रा के धरना प्रदर्शन तथा इनके सहारे की जाने वाले कथित ब्लैकमेलिंग के खिलाफ आवाज उठाई और पेपर मिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों तथा अन्य उद्योगपतियों के साथ वो कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा को रखा। यहां पर मीनू पेपर मिल के धरने को लेकर उद्योगपतियों ने कहा कि अनावश्यक रूप से दबाव बनाने के लिए आये दिन मिलों के बाहर इस तरह के धरने प्रदर्शन किये जाते हैं। इससे उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कामकाज भी बंद करा दिया जाता है, मिलों में तोड़फोड़ के प्रयास किये जाते हैं। उद्योगपतियों की समस्या को सुनने के बाद डीएम श्री बंगारी ने भरोसा दिया कि किसी भी उद्योगपति का कोई भी उत्पीड़न नहीं होने दिया जायेगा। डीएम ने बताया कि जिले के कुछ प्रमुख उद्योगपति मंगलवार को उनके कार्यालय पर आकर मिले थे। उनकी शिकायत थी कि आये दिन कुछ यूनियन के नेताओं द्वारा उद्योगों पर धरना प्रदर्शन करते हुए दबाव बनाया जाता है, जिससे उत्पीड़न हो रहा है। उद्योगपतियों की शिकायत पर सीओ और एसडीएम को भेजा गया है। जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। यदि अनावश्यक रूप से दबाव बनाने के लिए धरना या कार्य बाधित करने का प्रयास किया गया है तो ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन सख्ती के साथ कार्यवाही की जायेगी। उद्योगों पर दबाव बनाने का खेल नहीं चलने दिया जायेगा।

इस मामले में मीनू पेपर मिल के मालिक मनीष कपूर ने कहा कि यूनियन के नेताओं की गुण्डागर्दी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को भी यूनियन के कुछ नेता मिल के गेट पर पहुंचे, इनमें से कुछ तो नशे की हालत में थे। उन्होंने गेट तोड़ने का प्रयास किया और रोका गया तो गेट के ऊपर से कूदकर मिल में अंदर घुस गये और गेट को खोलकर अपने वाहन भी अंदर ले आये। इनके साथ कुछ ग्रामीण भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि हमने डीएम के समक्ष अपनी बात रख दी है। इसके खिलाफ हम लड़ाई लड़ेंगे। अनावश्यक रूप से दबाव बनाने का काम किया जाता है। समस्याओं के नाम पर दूसरा ही खेल किया जाता है। डीएम से मिलने वालों में मीनू पेपर मिल के मालिक मनीष कपूर, अजय कपूर के अलावा पंकज अग्रवाल, राजेश जैन, मयंक बिन्दल, रघुराज गर्ग, जगमोहन सहित अन्य उद्योगपति शामिल रहे।

वहीं डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर निकिता शर्मा, सीओ भोपा डॉ. रविश्ंाकर और नई मंडी कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह वर्मा मय फोर्स मीनू पेपर मिल पर पहुंचे तथा वहां धरना देकर गेट पर कब्जा जमाये बैठे भाकियू तोमर के पदाधिकारियों से वार्ता की। भाकियू नेताओं ने एसडीएम सदर के समक्ष आरोप लगाया कि मीनू पेपर मिल के साथ ही भोपा रोड पर संचालित हो रहे अन्य उद्योगों के द्वारा वायु और जल प्रदूषण फैलाया जा रहा है। गांवों में लोग टीबी और कैंसर के साथ ही दमा जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित हो रहे हैं। मिलों से राखी इतनी उड़ती है कि ग्रामीण घरों पर सफेद कपड़े भी नहीं सुखा सकते हैं। आंखों की बीमारी बढ़ रही है और दूषित पानी पीने से लोग अपाहिज तक हो रहे हैं। इनका आरोप था कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं कराया गया है। इस दौरान एसडीएम सदर और भाकियू नेताओं के बीच बहसबाजी भी हो गई। एसडीएम सदर निकिता शर्मा ने बताया कि भाकियू तोमर के लोगों ने मुख्य रूप से चार समस्याओं को उनके सामने रखा, जिसमें मिल के कारण भोपा रोड पर भारी वाहनों के सड़कों पर खड़े रहने से यातायात अवरु( होने, प्रतिबंधित पॉलीथिन जलाकर वायु प्रदूषण करने, उनके संगठन के मिल में आये चार लोगों को झूठी शिकायत कर पुलिस से पकड़वाने और दूषित जल छोड़े जाने का मामला शामिल रहा। इनमें उनको जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन वो चार लोगों को छोड़ने की मांग पर अड़े रहे। सीओ भोपा डॉ. रविशंकर ने बताया कि पुलिस ने किसी मामले में पूछताछ के लिए कुछ युवकों को पकड़ा था। उनसे थाने लाकर पूछताछ की गई है। इन युवकों के परिजनों को भी बुलाया गया है। पूछताछ पूरी होने पर उनको परिजनों के सुपुर्द कर दिया जायेगा। मुख्य मुद्दा प्रदूषण का ही था। प्रदूषण अधिकारी को मौके पर बुलाकर जांच करने के लिए कहा गया है। आरोप है कि मिल में प्रतिबंधित ईंधन जलाकर वायु और जल प्रदूषण किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें:  MUZAFFARNAGAR-शुरू हुआ पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान

चार लोगों को पकड़वाने पर बिगड़ा मामला

मुजफ्फरनगर। मीनू पेपर मिल पर सोमवार को पहुंचे चार लोगों को पुलिस से पकड़वाने पर ही मामला बिगड़ा है। ये चारों लोग भाकियू तोमर से जुड़े हुए बताये गये हैं। आज इसी बात को मीनू पेपर मिल के मालिक मनीष कपूर और अजय कूपर के साथ आये अन्य उद्योगपतियों ने भी डीएम के सामने खुलकर उठाया था। मनीष कपूर के अनुसार सोमवार को कुछ लोग मिल पर पहुंचे और गुण्डागर्दी करने लगे थे। ये असामाजिक तत्व आये दिन मिल पर पहंुचकर यूनियन के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाने का काम कर रहे थे। ये लोग शराब के नशे में थे। इनके हुडदंग से परेशान होकर ही सोमवार को मंडी पुलिस को बुलाकर इनको पकड़वा दिया गया था। इनको छुड़वाने के लिए कुछ सफेदपोशों ने प्रयास भी किया, लेकिन पूरी रात इनको मंडी कोतवाली में रखा गया। इसी से मामला बिगड़ा और भाकियू तोमर के लोगों ने प्रदूषण की समस्या को उठाते हुए मिल का घेराव करते हुए पकड़े गये अपने आदमियों को छोड़े जाने का दबाव बनाया। नई मंडी एसएचओ बबलू वर्मा ने बताया कि मिल पर हुडदंग करने के आरोप में चार लोगों को पकड़ा गया था, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इनके खिलाफ शिकायत नहीं मिलने पर मुकदमा कायम नहीं किया गया है। शिकायत आती है तो कार्यवाही की जायेगी। इनके परिजनों को भी बुलाया गया है। 

इसे भी पढ़ें:  रोडवेज बस और वैन की टक्कर से मासूम समेत पांच की मौत, नौ गंभीर 
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *