पालिका में अब नियमित-संविदा सफाई कर्मियों की होगी शिनाख्त

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में सफाई व्यवस्था को लेकर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के मार्गदर्शन में लगातार नवप्रयोग किये जा रहे हैं। कंपनी बाग में 400 कर्मचारियों को साथ लेकर सफाई अभियान की बात हो या फिर मुख्य मार्गों और बाजारों में नाइट शिफ्टिंग का मामला, ये सभी लोगों के द्वारा सराहना के पात्र बने हैं। अब सफाई कार्य के लिए सफाई कर्मचारियों को जवाबदेह बनाने के लिए पालिका प्रशासन पहली बार नियमित और संविदा के आधार पर कार्य कर रहे सफाई कर्मियों की भी शिनाख्त कराने जा रहा है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई हैं।

शहर के 55 वार्डों में करीब एक हजार सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इनमें नियमित, संविदा और आउट सोर्स के कर्मचारी शामिल हैं। इसके बावजूद भी वार्डों में सभासदों और आम नागरिकों की शिकायत सफाई न होने और कर्मचारी पर्याप्त नहीं होने की शिकायत लगातार चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को मिलती रही हैं। यही कारण है कि पूर्व में उनके आदेश पर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह द्वारा जीआईसी मैदान पर 369 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की परेड कराते हुए उनका भौतिक सत्यापन करते हुए वार्डवार उनको आईकार्ड जारी किये गये थे ताकि कोई भी गड़बड़ी न होने पाये। इसको लेकर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह सफाई कर्मचारी संघ के पूर्व पदाधिकारियों और वाल्मीकि समाज के नेताओं के निशाने पर भी आई, लेकिन उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण विरोध ठंडा पड़ गया।

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ऐसे में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को शिकायत मिली है कि वार्डों में कार्यरत नियमित और संविदा सफाई कर्मचारियों में से कुछ कर्मचारी ड्यूटी को लेकर गड़बड़ी कर रहे हैं और सफाई नायकों से मिलीभगत करते हुए ये कर्मचारी ड्यूटी पर या तो आते ही नहीं है, या अपने स्थान पर कम पैसे में दूसरा व्यक्ति छोड़ रखा है। इन शिकायतों का संज्ञान लेकर अब पालिका में नियमित और संविदा सफाई कर्मचारियों की शिनाख्त के लिए आउट सोर्स सफाई कर्मियों की भांति ही परेड कराते हुए भौतिक सत्यापन कराये जाने की तैयारी की जा रही है। इनमें करीब 600 नियमित सफाई कर्मचारी भी शामिल रखे गये हैं। इसकी जानकारी मिलने के साथ ही सफाई कर्मचारियों में हलचल है तो वाल्मीकि समाज के नेताओं ने इसके विरोध के लिए अपनी रणनीति भी बनानी शुरू कर दी है। ये लोग सीधे तौर पर ईओ और चेयरपर्सन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं, तो वहीं ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने भी किसी भी विरोध की चिंता किये बगैर इनका भौतिक सत्यापन कराने के लिए कमर कस ली है।

ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को लेकर अनेक शिकायत मिल रही हैं। ऐसे में इन सभी कर्मचारियों का भौतिक सत्यापन कराते हुए इनको भी आईकार्ड वितरित किये जायेंगे ताकि वार्डों के निरीक्षण के दौरान कोई भी गड़बड़ी सामने न आने पाये। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों को जवाबदेह बनाने के लिए अगले दो तीन दिनों में भौतिक सत्यापन कराया जायेगा। यदि गड़बड़ी पाई तो ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही होगी और सफाई नायकों की भी जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सफाई व्यवस्था में लगे सभी कूड़ा और अन्य वाहनों का भी भौतिक एवं तकनीकी सत्यापन कराया जायेगा। इसमें जो वाहन कंडम स्थिति में हैं, उनको पालिका के सफाई बेड़े से हटाकर नीलाम कराने के लिए चयनित कर स्टोर में पहुंचाया जायेगा और इसके बाद तकनीकी संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए नये वाहनों की खरीद की प्रक्रिया भी अपनाई जायेगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों से इसमें सहयोग करने की अपील भी की है। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नाइट शिफ्टिंग का कार्य भी जारी रहेगा। बारिश और खराब मौसम के कारण इसको स्थगित किया गया है। मुख्य मार्ग और बाजार में नये आउटसोर्स कर्मियों को लगाया गया है, ऐसे में पहले से वार्ड के जो कर्मचारी यहां पर काम कर रहे थे, उनको यहां से हटाते हुए वार्ड के अंदर सफाई कार्य के लिए लगाया जायेगा।

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ईओ ने किया गौशाला का निरीक्षण, अलाव जलवाये

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की ईओ द्वारा कूकड़ा मंडी में संचालित किये जा रहे नंदी ट्रीटमेंट सेंटर एवं अस्थाई गौशाला आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्था को परखने का काम किया। रविवार रात ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कूकड़ा मंडी गौशाला पहुंचकर वहां पर गौवंशों के रख-रखाव और अन्य व्यवस्थाओं को परखा। बारिश के बीच ही सर्दी में भी यहां पर एक स्थान पर ही अलाव जलता पाया गया, साथ ही पांच गौवंश बाहर खुले में बंधे हुए मिले, जबकि एक स्थान पर तिरपाल भी नहीं पाया गया।

ऐसे में उन्होंने गौशाला के केयर टेकर को मौके पर ही इन अव्यवस्थाओं के लिए हिदायत दी और बाहर बंधे गौवंशों को अंदर आश्रय में पहुंचाने के साथ ही पांच स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था कराई। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शहर में निराश्रित गौवंशों को पकड़कर आश्रय स्थल तक लाने के लिए प्रतिदिन अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में गौशाला में 67 गौवंशों की देखरेख की जा रही है, इनमें प्रतिदिन तीन चार गौवंश यहां लाये जा रहे हैं। हरा और सूखा चारा पर्याप्त मात्रा में पाया गया। अलाव के लिए लकड़ी कम होने की शिकायत केयर टेकर ने की तो तत्काल ही लकड़ियों का प्रबंध करते हुए पांच स्थानों पर अलाव जलवाये गये और इनको नियमित रूप से जलाने के निर्देश दिये। एक स्थान पर तिरपाल की व्यवस्था कराई गई। रविवार को पांच गौवंश लाये गये थे, जिनको खुले में बांध दिया गया था। 

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