फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने वाली पाकिस्तानी शिक्षिका शुमायला खान से 46.88 लाख रुपये वसूली की तैयारी

बरेली- फतेहगंज पश्चिमी विकास खंड क्षेत्र में तैनात रही पाकिस्तानी शिक्षिका शुमायला खान से बेसिक शिक्षा विभाग 46,88,352 रुपये की वसूली करेगा। खंड शिक्षा अधिकारी ने वसूली की रकम के सत्यापन के लिए विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है। सत्यापन के बाद रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी जाएगी। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुमायला खान ने फर्जी निवास प्रमाणपत्र के जरिये बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी। वह प्राथमिक विद्यालय माधौपुर में वर्ष 2015 से सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थी। उसकी नागरिकता को लेकर शिकायत की गई थी। आरोप था कि वह पाकिस्तानी नागरिक है। विभाग ने उसके प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया था। एसडीएम सदर रामपुर की जांच में साफ हुआ कि शुमायला का निवास प्रमाणपत्र त्रुटिपूर्ण है। उसे बनवाने में जानकारी छिपाई गई है। शुमायला खान का निवास प्रमाणपत्र पिछले साल निरस्त कर दिया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने कई बार शिक्षिका से स्पष्टीकरण मंगाए, लेकिन प्रमाणपत्र की सत्यता साबित न हो सकी। लिहाजा, बीएसए ने तीन अक्तूबर 2024 को शुमायला खान को निलंबित किया था। अब सेवा समाप्त कर दी गई है। बीएसए संजय सिंह के निर्देश पर फतेहगंज पश्चिमी के खंड शिक्षा अधिकारी भानु शंकर गंगवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुमायला से की जाने वाली वसूली की रकम में वेतन, भत्ते समेत वर्ष 2016-17 और 2020-21 में मिले बोनस की रकम भी शामिल की गई है। वित्त एवं लेखाधिकारी नीरज पाठक के मुताबिक खंड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट का सत्यापन कर जल्द वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तैनाती से बर्खास्तगी तक जारी वेतन समेत अन्य रकम की गणना कर मिलान किया जाएगा।

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