झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की नई मूर्ति देखेगा शहर

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के द्वारा इसी वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों के लिए प्राप्त धनराशि से शहर को नई और बड़ी सौगात देने के लिए कमर कसी जा रही है। इसी कड़ी में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के द्वारा शहर के सबसे प्राचीन पार्क झांसी की रानी पार्क का सौन्दर्यकरण और कायाकल्प करने की भी तैयारी पालिका प्रशासन ने की है। यहां पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप झांसी की रानी महान विरांगना लक्ष्मीबाई की पुरानी प्रतिमा को हटाने के साथ ही कई नये कार्य कराने जा रहे हैं। जल्द ही शहर इस पार्क के आकर्षण से प्रभावित होगा और यहां पर रानी लक्ष्मीबाई की नई प्रतिमा भी देखेगा। इसके लिए निर्माण विभाग ने डीएम की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है।

नगरपालिका परिषद् की चेयरपर्सन कम्पनी बाग के कायाकल्प के बाद अब अपना दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट झांसी रानी पार्क के सौन्दर्यकरण के रूप में लेकर आई है। इस प्रोजेक्ट के सहारे अंग्रेजों को अपने जौहर से पछाड़ने वाली वीरांगना झांसी राज्य की महारानी लक्ष्मीबाई की शहादत को नमन करते हुए उनके स्मारक को वर्षों से बनी दयनीय स्थिति से उबारते हुए एक आकर्षक पार्क के रूप में बदलने की योजना पर पालिका प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। शहरी क्षेत्र में अंग्रेज अफसरों के द्वारा विकसित और स्थापित किये गये कम्पनी बाग के बाद टाउनहाल के समक्ष झांसी रानी स्मारक ही पुराने पार्क के रूप में लोगों को आकर्षित करता रहा है, लेकिन पिछले कई वर्षों से इसकी देखरेख नहीं होने के कारण यह दयनीय स्थिति में है। स्मारक का फाउंडेशन टूटा पड़ा और यहां पर लगाई गई कई छोटी प्रतिमाएं भी गायब हो चुकी हैं। इस पार्क के सौन्दर्यकरण के लिए पूर्व में यूं तो कई बार प्रयास हुए और कार्य भी कराया गया, लेकिन इस बार चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने इस स्मारक का पूरी तरह से कायाकल्प करने की तैयारी कर ली है।

पालिका के निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि पालिकाध्यक्ष के निर्देशानुसार झांसी रानी स्मारक पार्क का कायाकल्प करने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए प्राइवेट आर्किटेक्ट से प्रोजेक्ट डिजाइन बनवाया गया है। इसमें रानी झांसी लक्ष्मीबाई की पुरानी प्रतिमा को हटवाकर नई प्रतिमा लगाई जायेगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से आगामी दिनों में शहर में कुड़ बड़े काम कराये जाने की योजना है। इसी कड़ी में हमने रानी झांसी लक्ष्मीबाई स्मारक पार्क के सौन्दर्यकरण की कार्ययोजना भी बनाई है। 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव निर्माण विभाग के माध्यम से तैयार कराया गया है। इसमें नई प्रतिमा लगाये जाने के साथ ही यहां पर लाइटिंग फाउंटेन, बाउंड्री वॉल, बागवानी, झूले और व्यायाम संसाधन लगाने का काम किया जायेगा। इस प्रस्ताव को जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष जल्द रखा जायेगा। स्वीकृति मिली तो बदहाल झांसी की रानी पार्क की सूरत-ए-हाल भी बदलेगी और यह शहर का एक आकर्षक एवं आदर्श पार्क बनेगा। हमें उम्मीद है कि जिलाधिकारी झांसी रानी पार्क के कायाकल्प के इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी प्रदान करेंगे। इसी प्रकार भविष्य में दूसरे पार्क और चौराहों का भी सौन्दर्यकरण करने का काम किया जायेगा। 

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65 साल बदली जायेगी रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा, केशव गुप्ता ने बनवाया था स्मारक

मुजफ्फरनगर शहर के आकर्षण और पहचान बने झांसी रानी स्मारक पार्क करीब 65 साल पूर्व शहर के लोगों को सौगात के रूप में बनवाया गया था। टाउनहाल उस समय भी शहर के मुख्य बाजार के रूप में विकसित था। यह कई पुरानी मार्किट के बीच इसलिए बनाया गया ताकि यहां आने वाले शहर और गांव देहात के लोगों को कुछ देर विश्राम करने का अवसर मिले। रानी झांसी प्रतिमा के साथ बनवाया गया फव्वारा गर्मियों में लोगों को ठण्डी राहत देता रहा। इसका निर्माण और लोकार्पण उस दौर में सिटी बोर्ड के अध्यक्ष रहे केशव गुप्ता के कार्यकाल में हुआ।

केशव गुप्ता ऐसे अकेले नेता रहे, जो विधायक बनने के बाद चेयरमैन बने थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जिले के प्रथम विधायक केशव गुप्ता 1937 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। इसके बाद वह 14 नवंबर 1957 से 29 अप्रैल 1960 तक सिटी बोर्ड मुजफ्फरनगर के चेयरमैन रहे। इसके बाद वह 1962 में शहर से ही विधायक चुने गए। सिटी बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए ही केशव गुप्ता ने झांसी रानी पार्क की स्थापना कराई और यहां पर रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगी थी। उस दौर में सिटी बोर्ड के तीस सभासद भी इस विकास के गवाह बने। प्रतिमा के शिल्पकार रामस्वरूप और राजेन्द्र कुमार शर्मा रहे। इसके बाद सिटी बोर्ड में ही चेयरमैन बने विद्या भूषण के नेतृत्व में 25 सदस्यीय बोर्ड द्वारा इस पार्क का पुनः निर्माण कराया गया। यूपी के सीएम हेमवती नन्दन बहुगुणा ने इसका उद्घाटन किया था। इसके उपरांत वित्तीय वर्ष 2007-08 में भाजपा के चेयरमैन कपिल देव अग्रवाल ने बोर्ड के 45 सभासदों के साथ मिलकर अमर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई स्मारक का सौन्दर्यकरण 12वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से कराया। उनके कार्यकाल में ही प्रतिमा को नया रंग रूप प्रदान किया गया। प्रतिमा के चारों ओर छोटी प्रतिमाएं लगाने के साथ ही प्रथम स्वतत्रंता आंदोलन पर आधारित कुछ भित्ती चित्र भी बनवाये गये। यहां दूसरा फव्वारा लगाया गया। बाद में कांग्रेसी चेयरमैन अंजू अग्रवाल के कार्यकाल में भी इस पार्क का सौन्दर्यकरण कार्य कराया गया, लेकिन वो पूरा नहीं हो पाया। अधूरा निर्माण होने के कारण यह पार्क आज बदहाल अवस्था में पहुंच चुका है। अब चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने इसे नया आकर्षण बनाने का निर्णय लिया गया है।

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विष्णु स्वरूप से मीनाक्षी तक स्वरूप परिवार का योगदान

मुजफ्फरनगर। यह भी एक संयोग है कि शहर के बीच स्थापित झांसी रानी लक्ष्मीबाई स्मारक पार्क के निर्माण से आज कायाकल्प की योजना तक स्वरूप परिवार का योगदान शामिल रहा है। सिटी बोर्ड के 65 साल पुराने चेयरमैन केशव गुप्ता के नेतृत्व वाले बोर्ड के कार्यकाल में जब रानी लक्ष्मीबाई के इस स्मारक का निर्माण कराया गया तो स्वरूप परिवार के ‘शाह जी’ विष्णु स्वरूप बंसल उस बोर्ड के मैम्बर निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 1667 में विष्णु स्वरूप ने शहर विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ा और कांग्रेस के सीटिंग विधायक केशव गुप्ता को पराजित किया था। 1974 में उनके छोटे भाई चितरंजन स्वरूप ने उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया और कांग्रेस के टिकट पर शहर से विधायक बने थे। आज करीब 65 साल के बाद जब इस स्मारक का कायाकल्प कर यहां नई प्रतिमा लगवाने की योजना पर नगरपालिका की ओर से काम शुरू हुआ है तो इसी स्वरूप परिवार की बहू मीनाक्षी स्वरूप चेयरमैन के रूप में इस विकास के योगदान का हिस्सा बनी हैं।

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