भोजनमाताओं के मानदेय वृद्धि कार्यक्रम में लापरवाही और बिना हस्ताक्षर सरप्लस शिक्षकों की सूची अपलोड करने के आरोप
मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी निर्देशों की अनदेखी और विभागीय कार्यों में लापरवाही के आरोपों के चलते पुरकाजी में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश बाबू को निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 31 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में यह कार्रवाई की गई। निलंबन के साथ ही उन्हें सहारनपुर मंडल स्थित मंडलीय शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी मंडलीय शिक्षा निदेशक, सहारनपुर मंडल को सौंपी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि विभागीय आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से 29 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देशों के क्रम में की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश बाबू पर आरोप है कि उन्होंने अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई और उच्चाधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने में लापरवाही बरती। विभाग ने इन आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबन आदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत भोजनमाताओं के मानदेय में वृद्धि से संबंधित कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि विकासखंड स्तर पर आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं कराया गया और खंड शिक्षा अधिकारी ने इसमें प्रतिभाग भी नहीं किया। विभागीय स्तर पर इसे शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े कार्य के प्रति उदासीनता के रूप में देखा गया। भोजनमाताओं के मानदेय में वृद्धि से संबंधित कार्यक्रम को लेकर विभागीय निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी थी। आदेश में इस कार्य में अपेक्षित भूमिका नहीं निभाने को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया है।
खंड शिक्षा अधिकारी पर सरप्लस शिक्षकों की सूची बिना हस्ताक्षर के एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने का आरोप भी लगाया गया है। विभागीय आदेश में इस मामले को भी अनियमितता के रूप में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त उच्चाधिकारियों के निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना करने और बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं करने की बात कही गई है। विभाग का मानना है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। ऐसे में दस्तावेजों को नियमानुसार तैयार करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी निलंबन आदेश में आरोपों को प्रथम दृष्टया दोषपूर्ण मानते हुए कमलेश बाबू को निलंबित किया गया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच के लिए मंडलीय शिक्षा निदेशक, सहारनपुर मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबित खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल सहारनपुर स्थित मंडलीय शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कार्यालय में उपस्थित होकर संबद्धता संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अब जांच के दौरान संबंधित आरोपों और विभागीय अभिलेखों की पड़ताल की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
