मुजफ्फरनगर एनएचएम हड़ताल-संघ जिलाध्यक्ष सहित 1000 कर्मियों को नोटिस

सीएमओ ने संविदा चिकित्सकों व कर्मियों को दी सख्त चेतावनी, हड़ताल खत्म कर तत्काल काम पर लौटने की हिदायत
जिले में सात दिन की हड़ताल से जिले में व्यवस्था ठप, आंदोलन कर रहे दस पदाधिकारियों को व्यक्तिगत नोटिस भेजे

मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों की सात दिन से चल रही कामबंद हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते असर के बीच स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों पर दबाव बढ़ा दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने हड़ताल में शामिल करीब एक हजार संविदा कर्मियों को नोटिस जारी कर तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए हैं। संघ जिलाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन सहित दस पदाधिकारियों को अलग से व्यक्तिगत नोटिस भेजे गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों की अनदेखी करने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

एनएचएम संविदा कर्मचारी आठ अक्टूबर से नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर पूर्ण हड़ताल के आहवान के साथ प्रदेशव्यापी आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने तीन दिन तक सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन के लिए जिले से बड़ी संख्या में संविदाकर्मी रवाना हुए। वहां वार्ता बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। संघ जिलाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन के अनुसार, लखनऊ जाते समय बरेली में करीब 55 कर्मचारियों को 16 घंटे तक पुलिस हिरासत में रखा गया। इस घटनाक्रम के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। संघ का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन को लेकर शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

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इस हड़ताल में एनएचएम के तहत जिला अस्पतालों, आरोग्य मंदिरों और सीएचसी एवं पीएचसी में तैनात संविदा डॉक्टरों के अलावा सीएचओ, स्टाफ नर्स, एएनएम, लैब टेक्नीशियन और कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं। इन कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है। कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण ताले लगे हुए हैं। जिन केंद्रों पर एनएचएम कर्मियों के अलावा अन्य कर्मचारी तैनात नहीं हैं, वहां मरीजों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है।

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सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि हड़ताल के बारे में शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। शासन के निर्देश पर नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें आठ और नौ अक्टूबर को एनएचएम निदेशक की ओर से जारी निर्देशों का उल्लेख करते हुए कर्मचारियों को तत्काल काम पर लौटने को कहा गया है। आदेशों का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और मामले से शासन को अवगत कराया जाएगा। सीएमओ की ओर से जिलाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन के अलावा डॉ. राहुल कुमार, डॉ. फैसल सिद्दीकी और डॉ. सुदेश वर्मा सहित दस पदाधिकारियों को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए गए हैं। अन्य कर्मचारियों को सामान्य नोटिस भेजे गए हैं। इसमें सीएमएस और प्रभारियों से अनुपस्थित कर्मचारियों की प्रतिदिन सूचना मुख्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

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नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए संघ जिलाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने कहा कि संविदा कर्मियों का आंदोलन सम्मान और अधिकारों से जुड़ा है। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का शीर्ष नेतृत्व आगे जो निर्णय लेगा, उसी के अनुसार आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुटता बनाए रखने और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की। बताया कि एनएचएम संविदा कर्मचारी नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, मौजूदा वेतन में वृद्धि, महंगाई भत्ता और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति लागू करने, अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने और नियमित पदों की भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए कोटा निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।

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