शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में लगाए गए थे आपत्तिजनक फ्लैक्स, लगाने वालों की जांच शुरू, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मुजफ्फरनगर। 2013 के साम्प्रदायिक दंगों की यादों को लेकर सोमवार को उस समय शहर में सियासी और सामाजिक हलचल बढ़ गई, जब सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में दंगों से संबंधित आपत्तिजनक फ्लैक्स और होर्डिंग्स लगाए जाने का मामला सामने आया। होर्डिंग्स पर 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का उल्लेख करते हुए नारे लिखे गए थे और घटनाक्रम से जुड़ी तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई थीं। इनमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का चित्र भी लगाया गया था।
होर्डिंग्स की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया और शहर में लगाए गए फ्लैक्स व होर्डिंग्स को उतरवा दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें किस व्यक्ति अथवा संगठन की ओर से लगवाया गया था। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में लगाए गए इन होर्डिंग्स पर ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे, मुजफ्फरनगर दंगा’ जैसे शब्द लिखे हुए थे। इनके साथ वर्ष 2013 के दंगों से संबंधित घटनाओं को दर्शाने वाली तस्वीरें लगाई गई थीं, अखिलेश यादव का फोटो भी इस पर लगा था। सोमवार सुबह गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर इन फ्लैक्स और होर्डिंग्स पर पड़ी। पुलिस ने तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी और इन्हें हटवा दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, होर्डिंग्स की विषयवस्तु को मौजूदा परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से आपत्तिजनक माना गया। इसी कारण किसी तरह की स्थिति उत्पन्न होने से पहले इन्हें हटाने की कार्रवाई की गई। वर्ष 2013 में कवाल कांड के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा था। इसके बाद नंगला मंदौड़ में आयोजित पंचायत के बाद जनपद में साम्प्रदायिक तनाव और बढ़ गया था तथा मुजफ्फरनगर में दंगे भड़क उठे थे। सोमवार को उसी घटनाक्रम की बरसी के दिन शहर में दंगों से संबंधित होर्डिंग्स लगाए जाने से पुराने घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
एएसपी/सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि सोमवार सुबह गश्त के दौरान थाना सिविल लाइंस पुलिस को शहर में कुछ स्थानों पर ऐसे फ्लैक्स और होर्डिंग्स लगे मिले, जिन पर मुजफ्फरनगर दंगों से संबंधित बातें लिखी थीं। पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अपने स्तर से सभी फ्लैक्स और होर्डिंग्स उतरवा दिए। उन्होंने बताया कि होर्डिंग्स किसने लगवाए हैं, इसकी जांच की जा रही है। इसके लिए उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
