मुजफ्फरनगर-वेतन विवाद को लेकर पालिका में काम बंद हड़ताल

कर्मचारियों ने लगाये अपमानित करने और उत्पीड़न के आरोप, दी लंबे संघर्ष की चेतावनी

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों ने वेतन विवाद और उपेक्षा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पालिका मुख्यालय में कार्य का बहिष्कार करते हुए काम बंद हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने एकजुट होकर टाउनहाल में धरना देकर प्रदर्शन किया। कर्मचारी संगठन के आह्वान पर हुए इस आंदोलन में कर्मचारियों ने पालिका मुख्यालय के सभी कार्यालयों को बंद कर दिया और नगर प्रशासन पर उत्पीड़न तथा अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाए। गुस्साए कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं तो आंदोलन को लंबा और व्यापक रूप दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बिना पूर्व सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और ऑडिट टीम की गंभीर शिकायतों के आधार पर अनियमितता मिलने पर ईओ पालिका डॉ.प्रज्ञा सिंह ने एई निर्माण नेपाल सिंह और कार्यवाहक कर अधीक्षक पारूल यादव के अलावा 10 अन्य कर्मचारियों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी थी, जिसको लेकर स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन उत्तर प्रदेश की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष ब्रजमोहन और महामंत्री सुनील वर्मा ने 12 सितम्बर को ईओ को पत्र देकर वेतन जारी करने की मांग की थी, तीन दिन का समय दिया गया, लेकिन वेतन जारी नहीं किये जाने पर मंगलवार की सुबह संगठन के आह्नान पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी पर अमल करते हुए पालिका मुख्यालय में काम बंद करते हुए हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने सभी कार्यालयों में तालाबंदी करते हुए टाउनहाल परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।

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स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन ने बताया कि सोमवार को भी वेतन बहाली का कोई आश्वासन नहीं मिला, जिसके चलते कर्मचारियों के हितों को लेकर मंगलवार से कार्य बहिष्कार करते हुए नगर पालिका में बेमियादी धरना शुरू करने के लिए वो विवश हुए हैं। उन्होंने कहा कि पालिका कर्मचारी अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों की श्रेणी में आते हैं। अक्सर उनका वेतन रोक दिया जाता है। वेतन रोके जाने पर उन्हें मानसिक व आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा भी कर्मचारियों को कार्यालयों में और सार्वजनिक स्तर पर भी अपशब्द कहकर अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचेंगा।

अध्यक्षता ब्रजमोहन और संचालन तनवीर आलम ने किया। धरने पर मुख्य रूप से संगठन के मंडल प्रभारी मोहन वैद, मंडल अध्यक्ष मौहम्मद सालिम, जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार, शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन, महामंत्री सुनील वर्मा के अलावा लिपिक गोपीचंद वर्मा, प्रवीण कुमार, गगन महेन्द्रा, नितिन कुमार, फिरोज खान, नदीम खान, मैनपाल सिंह, राजीव वर्मा, दुष्यंत कुमार, अशोक कुमार, मनोज बालियान, मनोज पाल सहित बीसी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल रहे।
बंद रहे बिलिंग काउंटर, ठेका कर्मियों को भी बाहर निकाला
मुजफ्फरनगर नगरपालिका में कर्मियों की हड़ताल को लेकर पूरा मुख्यालय ही बंद कराया गया। पहली बार राजस्व प्राप्ति के लिए अवकाश के दिनों में भी खोले जाने वाले कर और जलकल विभाग के बिलिंग काउंटर भी बंद कराये गये। इसके साथ ही कार्यालयों में ठेका कर्मचारी के रूप में कार्य करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर और दूसरे अन्य कर्मियों को भी कार्यालयों से बाहर निकालकर ताला लगा दिया गया। ऐसे में बिल जमा कराने के साथ ही अन्य कार्यों के लिए टाउनहाल पहुंचने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ज्यादातर लोग कर विभाग में बिल ठीक कराने और जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आये थे। लोग अपना बिल जमा कराने के लिए भी भटकते देखे गये।

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ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कहा-वेतन मुद्दा नहीं, साजिश के तहत हुई हड़ताल
मुजफ्फरनगर नगरपालिका में लंबे समय के बाद कर्मचारियों की कामबंद हड़ताल ने कई सवाल खड़े कर दिए। कर्मियों ने ईओ पर वेतन रोकने के आरोप लगाये तो ईओ ने साफ कह दिया कि वेतन का तो कोई मुद्दा ही पालिका में नहीं है, ये तो एक साजिश के तहत उनको बदनाम कराने के लिए हड़ताल कराई गई है। उन्होंने कहा कि कांवड़ के दौरान कंट्रोल रूम की ड्यूटी से गायब मिले तीन कर्मचारियों का वेतन पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के आदेश पर रोका गया, इसके बाद बिना अवकाश लिए ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मियों का वेतन रोका और कटौती के आदेश उन्होंने लेखाकार को दिए, वहीं विशेष ऑडिट टीम की शिकायत पर दो विभागाध्यक्षों और कुछ कर्मचारियों का वेतन आगामी आदेशों तक रोका गया है, लेकिन सोमवार की शाम पालिकाध्यक्ष से हुई संगठन नेताओं की वार्ता के बाद हड़ताल न करने की सहमति बन गई थी, इसके साथ ही उन्होंने भी वेतन जारी करने के आदेश दे दिये थे, सोमवार को पूरे दिन कार्यालय में रही कोई वार्ता के लिए नहीं आया, इसके बावजूद भी आज हड़ताल कर दी गई। ईओ का कहना है कि ये हड़ताल एक साजिश के तहत झूठे आरोपों के सहारे उनके खिलाफ कराई गई है।

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