सहारनपुर मंडल में चीनी की कमी नहीं, जमाखोरी पर होगी कार्रवाई

मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने सभी चीनी मिलों का सत्यापन पूरा होने की जानकारी दी; बड़े खरीदारों पर 15 दिन की स्टॉक सीमा लागू होगी।

सहारनपुर। सहारनपुर मंडल में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने मंडल की सभी चीनी मिलों में स्टॉक का भौतिक सत्यापन पूरा होने की जानकारी देते हुए कहा कि बिक्री और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। जमाखोरी अथवा कृत्रिम कमी पैदा करने पर कार्रवाई होगी और आवश्यकता पड़ने पर छापेमारी भी कराई जाएगी।

 

सभी चीनी मिलों के स्टॉक का सत्यापन

 

मंडलायुक्त ने बताया कि अपर मुख्य सचिव, गन्ना एवं चीनी उद्योग, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में सहारनपुर मंडल की सभी चीनी मिलों में उपलब्ध चीनी का भौतिक सत्यापन कराया गया है। सत्यापन के दौरान मिलों में पर्याप्त मात्रा में चीनी का स्टॉक पाया गया।

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उन्होंने कहा कि मंडल में चीनी की आपूर्ति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों को मिलों में उपलब्ध स्टॉक, प्रतिदिन होने वाली बिक्री और बाजार में चीनी की आपूर्ति पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

बिक्री के सात दिन में करना होगा चीनी का उठान

 

चीनी मिलों को निर्देश दिया गया है कि किसी डीलर, एजेंट अथवा थोक उपभोक्ता को चीनी बेचने के बाद उसका स्टॉक अपने परिसर में सात दिनों से अधिक समय तक न रखें। मिल के नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों को छोड़कर बिक्री के सात दिन के भीतर चीनी का उठान और प्रेषण सुनिश्चित करना होगा।

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इस व्यवस्था का उद्देश्य बेची जा चुकी चीनी को मिल परिसर में रोककर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों को रोकना है। संबंधित अधिकारियों को मिलों के बिक्री रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का नियमित मिलान करने के लिए कहा गया है।

 

बड़े खरीदारों पर लागू होगी 15 दिन की सीमा

 

महीने में 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उपयोग करने वाले बड़े खरीदार अपने उपभोग की अधिकतम 15 दिनों की आवश्यकता के बराबर स्टॉक ही रख सकेंगे। इस श्रेणी में हलवाई, मिठाई निर्माता, शीतल पेय निर्माता, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और अन्य संस्थागत खरीदार शामिल हो सकते हैं।

 

केंद्र सरकार की यह स्टॉक सीमा एक सितंबर 2026 से लागू होकर 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। चीनी मिलों से थोक खरीदारों को की गई बिक्री का मिलान संबंधित जीएसटी रिटर्न और चीनी पर लागू एचएसएन कोड के आधार पर भी किया जा सकता है।

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जमाखोरी मिलने पर होगी छापेमारी

 

मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने अधिकारियों को चीनी के भंडारण और उपलब्धता पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध जमाखोरी अथवा नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारी या संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर गोदामों और प्रतिष्ठानों की जांच एवं छापेमारी भी कराई जाएगी। फिलहाल मंडल में किसी कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की सूचना नहीं दी गई है।

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