यातायात नियमों को धता बता कर सड़क पर दौड़ रहा ‘जुगाड़’

सहारनपुर । नया मोटर व्हीकल एक्ट (2019) लागू होने के बाद भी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में जुगाड़ से दौड़ती सैकड़ों गाड़ियां ट्रैफिक नियमों और वाहन अधिनियम की अब भी धज्जियां उड़ा रही हैं। नए नियम लागू होने के बाद यह सभी वाहन अवैध हो चुके हैं मगर जिम्मेदार इन पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

शहर की सड़कों पर पुराने स्कूटर व बाइक या फिर उसके इंजन से बनाए गए माल वाहक वाहनों की भरमार है। जिले में ऐसे वाहन पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में बढ़ गए हैं। इतना ही नहीं खेतों में पानी चलाने के लिए बनाए गए इंजन का प्रयोग कर गन्ने की पेराई करते हैं। साथ ही उसे चार पहिया वाहन का स्वरूप देते हैं। इन वाहनों में आगे के हिस्से में बाइक जबकि पीछे के हिस्से में ठेला लगा होता है। वहीं बाजारों में दुकानदारों का इन ठेला वालों को पूरा संरक्षण मिलता है। सामान खरीदने आने वाले लोगों को दुकानदार ही इनके नंबर मुहैया कराते हैं। कुछ दुकानदारों ने तो अपने कर्मचारियों को ही ये जुगाड़ बनाकर दे रखे हैं।

इसे भी पढ़ें:  सहारनपुर में भीषण हादसा: ITBP DIG परमिंदर सिंह और ड्राइवर की मौत

दुघर्टनाओं का बन रहे कारण

जुगाड़ से बनाए गए वाहन सड़कों पर बिना किसी फिटनेस के दौड़ते हैं। समय पर इनके ब्रेक भी सही तरीके से बन जाएंगे इसका कोई भरोसा नहीं हैं। सड़क पर सरिया या दूसरा ऐसा ही सामान लेकर दौड़ते ये वाहन कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:  सहारनपुर में कोहिनूर फूड्स पर छापा, 5,797 किलो खाद्य सामग्री सीज

वातावरण में जहर घोल रहे

इन जुगाड़ वाहनों में 15 से 20 साल पुराने खटारा स्कूटरों, मोटर साइकिलों के इंजन लगाए जाते हैं। इतना ही नहीं एक जुगाड़ एक लीटर ईधन में 25 से 30 किलोमीटर चलता है। सामान्य रिक्शे में पुराने स्कूटर का इंजन फिट कर बनने वाला जुगाड़ 12 हजार रुपये में तैयार हो जाता है। देहात क्षेत्रों में तो पंपिंग सेट का इंजन फिट कर जुगाड़ तैयार किए जाते हैं।

बिना रोड टैक्स की दौड़ती हैं जुगाड़ गाड़ियां

मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार जुगाड़ किसी वाहन की श्रेणी में नहीं आते हैं। आम वाहनों के लिए रोड टैक्स, इंश्योरेंस फिटनेस सहित तमाम तरीके टैक्स देय होते हैं मगर इन वाहनों के चालक कोई टैक्स नहीं देते। नए वाहन एक्ट के अनुसार सड़क पर बिना पंजीयन कोई गाड़ी चलाना अपराध है। प्रदूषण करने वाली गाड़ियां तो कतई नहीं चलेंगी।

इसे भी पढ़ें:  सहारनपुर बड़गांव पुलिस मुठभेड़ में इनामी आरोपी घायल, साथी फरार

वाहन का मूल स्वरूप बदलकर चलाना भी अपराध

पूर्व क्रिमिनल डीजीसी एडवोकेट राजीव गुप्ता ने बताया कि जिप्सी का स्वरूप बदल कर हंटर के रूप में इस्तेमाल करना, ठेले में बाइक या स्कूटर का इंजन जोड़कर चलाना, यहां तक बाइक में भी कंपनी की ओर से दिए गए साइलेंसर, हॉर्न आदि के अलावा अलग से साइलेंसर या हॉर्न लगवाकर गाड़ी चलाना अपराध है।

Share This Article