सीएम योगी तक पहुंचा मुजफ्फरनगर में प्रदूषण का मामला

भाकियू (अराजनैतिक) ने पश्चिमी यूपी में एम्स, मेरठ मेडिकल कॉलेज को पीजीआई घोषित करने और प्रदूषण सहित कई जनहित मुद्दों की उठाई आवाज

मुजफ्फरनगर। जनपद के मोरना क्षेत्र में स्थित दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल की क्षमता वृद्धि के लिए धनराशि अवमुक्त किए जाने से क्षेत्र के गन्ना किसानों में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े स्वास्थ्य, न्याय और पर्यावरण से संबंधित अहम मुद्दों के समाधान की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने जनपद मुजफ्फरनगर के मोरना क्षेत्र में स्थित दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार हेतु उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय को किसानों के हित में ऐतिहासिक बताते हुए संगठन एवं क्षेत्र के लाखों गन्ना किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया। धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि चीनी मिल की क्षमता वृद्धि से न केवल गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह निर्णय सहकारी क्षेत्र को मजबूती देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा।

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भेंट के दौरान भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स की स्थापना की मांग को दोहराते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज को पीजीआई/स्वशासी संस्थान घोषित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। संगठन का कहना है कि इससे करोड़ों लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इसके अतिरिक्त जनपद मुजफ्फरनगर में औद्योगिक इकाइयों द्वारा ठोस अपशिष्ट एवं लीगेसी वेस्ट को जलाए जाने से उत्पन्न गंभीर वायु प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की गई। इसे जनस्वास्थ्य के लिए आपात स्थिति बताते हुए दोषी इकाइयों के विरुद्ध दंडात्मक एवं बाध्यकारी कार्रवाई की मांग की गई।
भाकियू (अराजनैतिक) ने प्रदेश के सभी जनपदों में हाईकोर्ट से संबंधित मुकदमों की ई-फाइलिंग सुविधा को सुचारु रूप से लागू कराने, रियल-टाइम खतौनी तैयार करते समय अंश निर्धारण व नामों में त्रुटि सुधार, राजस्व संहिता की धारा 24 के दुरुपयोग पर रोक तथा चकबंदी प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और जनहित से जुड़े मामलों में शीघ्र उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन पर संतोष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि किसानों और आम जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों का शीघ्र समाधान होगा।

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