सहारनपुर/देवबंद। देवबंद क्षेत्र में गुमशुदगी से शुरू हुआ मामला हत्या तक पहुंच गया। करीब तीन दिन की तलाश के बाद जिस पिंटू का शव आखलौर खेड़ी क्षेत्र के नाले में मिला था, उस हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना देवबंद पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल ईंट का अद्धा, मृतक का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल पुत्र इसम और गगन पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम आखलौर, थाना कोतवाली, जिला मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। दोनों को हाईवे से ग्राम घलौली जाने वाले मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है।
मामला 30 अप्रैल 2026 से जुड़ा है। मुजफ्फरनगर जिले के थाना चरथावल क्षेत्र के ग्राम कुटेसरा निवासी मिन्टू पुत्र नाथीराम ने अपने भाई पिंटू पुत्र नाथीराम के लापता होने की सूचना थाना देवबंद पुलिस को दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।
कई जगह खोजबीन के बाद 3 मई 2026 को पिंटू का शव ग्राम आखलौर खेड़ी क्षेत्र के नाले में मिला। शव मिलने के बाद मामला गुमशुदगी से हत्या में बदल गया। मिन्टू की तहरीर पर थाना देवबंद में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 103(1) और 238A के तहत कार्रवाई शुरू की।
हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी सहारनपुर ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और बरामदगी के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी देवबंद के पर्यवेक्षण में थाना देवबंद पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम को लगाया गया।
जांच आगे बढ़ी तो विशाल और गगन के नाम सामने आए। इसके बाद टीमों ने दोनों की तलाश तेज की। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों को हाईवे से घलौली गांव जाने वाले मोड़ से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी विशाल ने हत्या के पीछे बेहद अजीब और खतरनाक मानसिकता की बात कही। पुलिस के अनुसार विशाल ने बताया कि पिछले वर्ष मुजफ्फरनगर के कोतवाली नगर क्षेत्र में लूट की घटना में उसका नाम आया था और पुलिस मुठभेड़ के बाद वह जेल भेजा गया था। कुछ दिन पहले ही वह जेल से बाहर आया था।
विशाल के कथित बयान के अनुसार, वह अपने साथी गगन के साथ मुकदमे की तारीख पर मुजफ्फरनगर कचहरी गया था। वहां से लौटते समय मोटरसाइकिल स्टार्ट नहीं हुई तो दोनों उसे वहीं छोड़ आए। घर पहुंचने पर पिता ने मोटरसाइकिल के बारे में पूछा। इसी बात पर झगड़ा हुआ और परिवार व मोहल्ले में उसे “चोर” कहे जाने की बात उसने पुलिस को बताई।
पुलिस का दावा है कि इसी अपमान और गुस्से में विशाल ने अपने साथी गगन के साथ मिलकर रास्ते में मिलने वाले किसी व्यक्ति की हत्या करने की योजना बनाई। यह पुलिस पूछताछ में सामने आया कथित बयान है, जिसकी पुष्टि विवेचना और अदालत की प्रक्रिया में होगी।
पुलिस के अनुसार 29 अप्रैल की रात विशाल और गगन आखलौर खेड़ी क्षेत्र में घलौली से आने वाले रास्ते के पास मनोज की ट्यूबवेल पर बैठे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि दोनों ने उसे रोक लिया।
इसके बाद उसे मोटरसाइकिल से गिराकर ईख के खेत में खींचा गया। वहां पास में पड़ी ईंट के अद्धे से सिर पर वार किए गए। पुलिस के मुताबिक वारदात में पिंटू की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी उसकी मोटरसाइकिल लेकर रामपुर तिराहे से आगे मुजफ्फरनगर बाईपास के पास एक होटल तक गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़ दी।
पुलिस के अनुसार आरोपी फिर घटनास्थल पर लौटे। इसके बाद शव को खेतों के रास्ते करीब 150 से 200 मीटर दूर ले जाया गया। आरोप है कि मृतक के शरीर पर रस्सी से दो पत्थर बांधकर शव को नाले में डाल दिया गया, ताकि घटना का पता न चल सके।
यही शव 3 मई को बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल पर तेजी से जांच बढ़ाई और आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल बताया जा रहा ईंट का अद्धा बरामद किया है। इसके साथ ही मृतक का आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी विशाल की खून से सनी शर्ट मिलने का भी दावा किया है।
बरामदगी को विवेचना में अहम माना जा रहा है। पुलिस अब इन बरामद सामानों को फॉरेंसिक जांच और केस डायरी का हिस्सा बनाकर आगे की कार्रवाई करेगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी विशाल के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मुजफ्फरनगर कोतवाली नगर में दर्ज लूट और पुलिस मुठभेड़ से जुड़े मुकदमे शामिल बताए गए हैं। देवबंद में दर्ज हत्या का मुकदमा भी उसके आपराधिक इतिहास में जोड़ा गया है।
कार्रवाई करने वाली टीम में थाना देवबंद प्रभारी निरीक्षक कपिल देव, एसओजी प्रभारी निरीक्षक सुनील शर्मा, निरीक्षक अपराध सतेन्द्रपाल सिंह, स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज पवार, उपनिरीक्षक अक्षय शर्मा, उपनिरीक्षक ललित कुमार, हेड कांस्टेबल अनुज कुमार, रवि कुमार, अमरदीप सिंह, हरेंद्र, मनदीप और वसीम शामिल रहे।






