किसानों ने अफसरों के सामने ही बिजली विभाग के जेई पर लगाए गंभीर आरोप
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के मुख्यालय में आयोजित किसान दिवस की बैठक किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तीखी बहस का मंच बन गई। बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ खराब विद्युत व्यवस्था, फुंके ट्रांसफॉर्मरों के समय पर प्रतिस्थापन, सिंचाई संकट और गन्ना भुगतान में देरी जैसे मुद्दों पर किसानों ने अधिकारियों को घेरा। बैठक के दौरान कई बार माहौल गर्म हो गया और किसानों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

कलेक्ट्रेट स्थित चौधरी चरण सिंह सभाकक्ष में आयोजित किसान दिवस की मासिक बैठक में जिलेभर से पहुंचे किसान नेताओं और किसानों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब किसानों ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) पर फुंके हुए ट्रांसफॉर्मर बदलने के नाम पर किसानों से धनराशि मांगने का आरोप लगाया। किसान नेताओं ने अधिकारियों के समक्ष इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले ही किसान महंगी खेती, बढ़ती लागत और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे हैं। ऐसे में यदि सरकारी विभागों के कर्मचारी किसानों का आर्थिक शोषण करेंगे तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोपित अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की।

बैठक में किसानों ने यह भी कहा कि जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार ट्रांसफॉर्मर फुंकने और उन्हें समय पर नहीं बदले जाने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है। पर्याप्त विद्युत आपूर्ति न मिलने के कारण फसलों की सिंचाई में परेशानी आ रही है, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और खराब ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदलने की मांग उठाई। इसके अलावा किसानों ने गन्ना भुगतान में हो रही देरी, खेतों तक पानी की उपलब्धता, जर्जर विद्युत लाइनों की मरम्मत, नहरों की सफाई और कृषि से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखा। किसान संगठनों ने कहा कि यदि शिकायतों का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बैठक में मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर और अन्य अधिकारियों ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया। संबंधित विभागों को प्राप्त शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश देने की बात कही गई।
