एपीआर भारत का 15 दिवसीय जागरूकता अभियान शुरू, 35 हजार से अधिक बोतलों को औपचारिक रीसाइक्लिंग प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य
मुजफ्फरनगर। एसोसिएशन ऑफ पीईटी रीसाइक्लर्स भारत (एपीआर भारत) ने कांवड़ यात्रा के दौरान प्लास्टिक कचरे के जिम्मेदार निपटान और पीईटी बोतलों की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बॉटल की रीसायकल यात्रा अभियान की शुरुआत की है।
बुधवार को शहर के एक रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस वार्ता में एपीआर भारत के डायरेक्टर जनरल गौतम जैन ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल लोगों को पीईटी बोतलों के पर्यावरणीय, आर्थिक और राष्ट्रीय महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत विशेष जागरूकता वैन मुजफ्फरनगर और मेरठ में कांवड़ यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थलों पर संचालित की जाएगी। अभियान के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को प्लास्टिक कचरे के पृथक संग्रह और वैज्ञानिक रीसाइक्लिंग के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही 35 हजार से अधिक पीईटी बोतलों को एकत्र कर औपचारिक रीसाइक्लिंग प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
गौतम जैन ने कहा कि रीसाइक्लिंग के माध्यम से जीवाश्म ईंधन संसाधनों की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी, आयात पर निर्भरता घटाने तथा हरित एवं सतत पैकेजिंग व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2026-27 तक प्लास्टिक पैकेजिंग में 40 प्रतिशत रीसाइक्ल्ड सामग्री के उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनभागीदारी और जागरूकता आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान एकत्रित सभी पीईटी बोतलों को औपचारिक रीसाइक्लिंग श्रृंखला में भेजा जाएगा, ताकि उन्हें दोबारा उपयोग योग्य बनाया जा सके। एपीआर भारत ने भविष्य में इस अभियान का विस्तार देश के अन्य क्षेत्रों में भी करने की योजना बनाई है।
