दो भाइयों की मौत से गुस्साये ग्रामीणों ने जाम किया दिल्ली-पौड़ी हाईवे

मुजफ्फरनगर। रामराज क्षेत्र के ग्राम देवल के पास मंगलवार को हुई बाइक-रोडवेज बस की भिड़ंत में दो भाइयों की मौत हो जाने के बाद बुधवार सुबह को मेरठ-पौड़ी हाईवे पर शव रखकर सैकड़ों लोगों ने परिजनों के साथ मिलकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे सीओ जानसठ और तहसीलदार से मृतक के परिजनों को मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग की गई। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से तीन बार वार्ता कर समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण उच्चाधिकारी द्वारा मुआवजा और नौकरी की घोषणा की मांग की जाती रही, जिस कारण वार्ता विफल रही। दोपहर बाद तक भी अफसर जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे थे।

बता दें कि मुगलवार को रामराज थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर रहडवा निवासी सुमित 26 वर्ष व अमन 24 वर्ष पुत्रगण ब्रहमपाल हरिद्वार से अपने गांव वापस आ रहे थे। जैसे ही उनकी बाईक देवल के पास पहुंची, तो सामने से आ रही गढमुक्तेश्वर डिपो की रोडवेज बस से जबरदस्त भिडंत हो गई। भिडंत के बाद दोनों युवक रोडवेज के पहियों के नीचे फंस गये। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई तथा पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस व ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद बस के नीचे से दोनों निकाला, जिसमें अमन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि इसके भाई सुमित को पुलिस व परिजनों की मदद से मेरठ के अस्पताल में भेजा गया, जहां पर उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी। बताया गया कि दोनों भाई अपने एक दोस्त के साथ नौकरी के लिए हरिद्वार गये थे, लेकिन वहां पर कुछ काम नहीं मिला जिस कारण दोनों भाई बाईक द्वारा वापस लौट रहे थे, जब इनकी बाईक देवल ग्राम में पहुंची, तो हादसा हो गया था।

रामराज थाना प्रभारी दीपक चौधरी ने बताया कि दोनों युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। हादसे में दोनों सगे भाईयों की मौत हो जाने के बाद परिजनों में कोहराम और ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ था। बुधवार की सुबह परिजनों को दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस से पुलिस ने सौंप दिये। दोनों भाइयों के शवों को लेकर परिजन सीधे दिल्ली पौडी हाईवे पर पहुंचे और शवों को रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान मृतकों के गांव से भी सैंकड़ों लोग वहां पर पहुंच गये थे। ग्रामीणों ने हाईवे पर ट्रैक्टर ट्राली लगाकर यातायात को बंद करा दिया।

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परिजनों के द्वारा शवों पर विलाप किया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों भाई नौकरी की तलाश करने के लिए हरिद्वार गये थे। वो परिवार को सहारा थे। दोनो भाईयों की आकस्मिक मृत्यु के बाद उनके परिवार व गांव में कोहराम मचा हुआ है। जाम लगाये जाने की सूचना पर एसडीएम जानसठ और सीओ जानसठ मय फोर्स मौके पर पहुंचे। अफसरों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वो जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजन को मुआवजा और नौकरी दिलाये जाने की मांग रखी। कई दौर की वार्ता में भी सहमति नहीं बन पाने के कारण घंटों तक दिल्ली पौडी राजमार्ग पर जाम लगा रहा, जिससे वाहनों की लम्बी कतार लग गई थी। कांवड़ यात्रा शुरू होने के कारण इसी हाईवे पर यातायात का अत्याधिक दबाव बना होने के कारण कुछ ही देर के जाम से हालात विकट हो गये। एम्बुलेंस और कांवड़ियों के वाहन भी इस जाम में फंसे नजर आये। 

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