KANWAR YATRA-एम्बुलेंस के लिए खोलनी पड़ी बेरिकेडिंग, स्कूलों में छुट्टी का इंतजार

मुजफ्फरनगर। सावन माह में कांवड़ यात्रा अब धीरे धीरे अपने रंग में आती जा रही है। शहर में शिव भक्त कांवड़ियों की संख्या में इजाफा हो रहा तो वहीं शिवभक्तों की सेवा के लिए शुरू किये गये कांवड़ सेवा शिविरों में भी भीड़ बढ़ती नजर आ रही है। अफसर लगातार व्यवस्था बनाने के लिए कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्र में पाबंदियों के साथ कांवड़ मार्ग पर की गई व्यवस्था लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बनती नजर आ रही हैं। अस्पताल चौराहों पर लद्दावाला की एंट्री को बंद कर की गई बैरिकेडिंग इस बार भारी दिक्कत पैदा कर रही है, क्योंकि इसके लिए वैकल्पिक मार्ग कूड़ा डलावघर में बदल जाने के कारण लोगों को गन्दगी के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में आज 108 एम्बुलैंस को निकालने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग तक हटानी पड़ी। वहीं शहरी क्षेत्र के कांवड़ मार्ग पर यातायात डायवर्जन लागू होने के बावजूद स्कूलों में अभी छुट्टी का इंतजार है। सोमवार को बारिश तो मंगलवार को बेरिकेडिंग के कारण स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम नजर आई, क्योंकि गाड़ी वाला भैया छुट्टी मार गया है।

सावन की कांवड़ यात्रा का प्रभाव अब सीधे तौर पर आम जनजीवन पर पड़ता साफ नजर आ रहा है। सोमवार की सुबह सावन के पहले दिन से ही शहरी क्षेत्र में कांवड़ मार्ग पर पाबंदियां लागू हो जाने के कारण शहर दो भागों में बंटा नजर आ रहा है और जीटी रोड की ओर खुलने वाली गलियों में भी बेरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है। केवल अस्पताल चौराहे से मीनाक्षी चौक तक के मार्ग में दो स्थानों पर ही क्रासिंग हो जाने के कारण लोगों को शहर में एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों और जाम का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा मुसीबत लद्दावाला की ओर जाने में हो रही है। यहां पर अस्पताल चौराहे से लद्दावाला का मुख्य एंट्री मार्ग बेरिकेडिंग के कारण बंद कर दिया गया है। पिछले दो साल से यह रास्ता बंद किया जा रहा है। ऐसे में नाला बंद कर बनाया गया रास्ता वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग होता था, लेकिन इसी साल यहां पर पालिका के द्वारा कूड़ा डलावघर बना दिये जाने से पूरा मार्ग ही गन्दगी और कूड़े की चपेट में रहता है। अब लोगों को मुख्य मार्ग बंद होने पर इसी गन्दगी से होकर गुजरने के लिए विवश होना पड़ रहा है। यहां पर मंगलवार को 108 एम्बुलेंस को अस्पताल पहुंचाने के लिए लद्दावाला के रास्ते पर की गई बेरिकेडिंग पुलिसकर्मियों को हटानी पड़ी। इसके बाद एम्बुलेंस को निकाला गया। साथ ही बेरिकेडिंग हटने के बाद यहां वाहन चालकों ने आवागमन शुरू कर दिया, इससे भारी परेशानी होने लगी तो पुलिसकर्मियों ने कुछ देर बार ही यहां पर फिर से बेरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। इसके साथ ही जीटी रोड पर बेरिकेडिंग हो जाने के कारण लोगों को सड़क पार जाने के लिए भी काफी लम्बा चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

वहीं रास्ते बंद हो जाने से शहरी क्षेत्र में क्रासिंग पर भी पाबंदी हो गई, जिससे सोमवार को बारिश के कारण और मंगलवार को बेरिकेडिंग के चलते वैन वाले भैयाओं ने भी छुट्टी मार ली। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों को भी बड़ी समस्याओं से जूझना पड़ा। अधिकांश बच्चों ने तो छुट्टी की, लेकिन जो स्कूलों तक पहुंचे उनको जाने और वापस आने में जाम और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। साथ ही छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ने और उनको वापस लाने के लिए परिजनों को भी मुसीबत झेलनी पड़ी। लोगों के साथ ही स्कूल प्रबंधन तंत्र की ओर से भी मंगलवार को कांवड़ अवकाश के लिए प्रशासन के आदेश का इंतजार किया जाता रहा। बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि चूंकि शहरी क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के लिए जीटी रोड पर बेरिकेडिंग करने के साथ ही रूट डायवर्जन कर दिया गया है। भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध होने के कारण सोमवार से ही स्कूल बसों को रोक दिया गया, वहीं मंगलवार को स्कूलों की वैन भी बेरिकेडिंग होने के कारण नहीं चल पाई, ऐसे में विभागीय स्तर पर रिपोर्ट जिलाधिकारी को दे दी गई है। उनके आदेश होने पर संभवतः बुधवार को अवकाश घोषित कर दिया जायेगा। 

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