अमानवीय-सामने थी जवान बेटे की लाश, रिश्वत मांग रहे थे कर्मचारी

मुजफ्फरनगर। इंसानियत को शर्मसार करने का मामला तो कई बार सरकारी दफ्तरों की दहलीज से समाने आता रहा है, लेकिन आज इंसानियत किस कदर मुर्दा हो चुकी है, इसका प्रमाण भी रात के अंधेरे में दिखाई दिया। अपनी प्रेमिका के साथ शादी का रिश्ता टूटने और दोस्तों द्वारा बदनाम करने से आहत एक युवक द्वारा आत्महत्या कर ली गई, परिवार सदमे में था, कानूनी कार्यवाही के लिए युवक का शव पोस्टमार्टम हाउस पर लाया गया, यहां इस परिवार के साथ मानिसक और आर्थिक उत्पीड़न का ऐसा खेल खेला गया, जिसको सुनकर सभी शर्मसार हैं। पोस्टमार्टम करने से पहले रिश्वत ली गई और इसके बाद भी पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात कर्मचारियों के द्वारा पैसे मांगते रहे। इसको लेकर आधी रात वहां पहुंचे भाकियू नेताओं ने जमकर हंगामा किया, जिसकी वीडियो भी वायरल हो रही है। सीएमओ ने मामले में जांच कराने की बात कही है।

बता दें कि मदीना कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय अनस ने बुधवार को बामनहेडी के जंगल में पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले अनस ने वीडियो बनाई और उसे वायरल कर दिया। उसने अपने मोहल्ले के रहने वाले तीन लोगों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और उन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। अनस की आत्महत्या के बाद परिजनों ने शिकायत की, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अनस भारतीय किसान यूनियन तोमर के नगर उपाध्यक्ष साजिद अब्बासी का भतीजा था। रात में ही अनस का पोस्टमार्टम कराने के लिए भाकियू तोमर के जिलाध्यक्षा निखिल चौधरी ने जिलाधिकारी से बात की और बंदोबस्त करा दिया था, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की अमानवीय हरकतों ने बखेड़ा खड़ा कर दिया।

अनस का पोस्टमार्टम करने से पहले उसके परिजनों से रिश्वत ली गई और इसके बाद भी पीएम नहीं शुरू किया, दोबारा रिश्वत मांगी गई। इससे आक्रोशित भाकियू जिलाध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ता पोस्टमार्टम हाउस जटमुझेडा पहुंचे और हंगामा कर दिया। जिलाध्यक्ष निखिल ने बताया कि अनस का शव पोस्टमार्टम हाउस जटमुझेडा पर था। पीएम वहां पर रात्रि में ही कराने के लिए डीएम से मिलकर कागजी कार्यवाही पूरी कराई गई थी। रात्रि 8.00 बजे पीएम शुरू होना था। लेकिन वहां पर मृतक के परिजनों का आर्थिक और मानसिक शोषण का खेल शुरू कर दिया गया, पहले उनसे वीडियो चिप के नाम पर दो हजार रुपये की रिश्वत ले ली और इसके बाद भी पीएम शुरू नहीं हुआ।

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रात 12 बजे तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई तभी पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारियों ने पीड़ित परिवार से 10000 रुपये और देने की मांग की। इसी की सूचना मिलने पर वो और युवा जिला अध्यक्ष सोनू चौधरी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ करीब एक बजे पीएम हाउस पर पहुंचे। उन्होंने वहां पर हंगामा शुरू कर दिया और रिश्वत मांगने का विरोधी करते हुए कर्मचारियों की मोबाइल से वीडियो भी बनाई। निखिल चौधरी ने सीएमओ को फोन कर कर्मचारियों की शिकायत की और कार्यवाही की मांग की। इसको लेकर हड़कम्प मच गया और कर्मचारी से दो हजार रुपये भी वापस कराये गये। निखिल ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम हाउस उत्पीड़न का अड्डा बन गया, यहां मृतकों के परिजनों को लूटा जा रहा है, इसके खिलाफ संगठन आंदोलन करेगा। कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि इन कर्मचारियों के साथ अधिकारी भी मिले हुए हैं। इनकी संवेदना तक मर चुकी है, जो मौत को भी बाजार बनाकर बैठ गये हैं।

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सीएमओ ने कहा-मामला गंभीर, जांच करायेंगे

मुजफ्फरनगर। पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात कर्मचारियों के द्वारा अनस नामक युवक के परिजनों से उसका पोस्टमार्टम करने के लिए रिश्वत मांगने के मामले में सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने भी गंभीरता दिखाई है। उनका कहना है कि रात्रि में भाकियू नेता निखिल चौधरी ने उनको फोन कर शिकायत की थी, तत्काल ही उन्होंने इस पर संज्ञान लिया और मामले में सख्त कार्यवाही का भरोसा दिया था। सीएमओ ने कहा कि मामले में अभी मौखिक शिकायत हुई है, इसके लिए पीड़ित पक्ष से लिखित में कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मांगी गई है। इसके साथ ही उन्होंने प्रकरण में पूछताछ शुरू कर दी है और जांच भी कराई जा रही है। जो शिकायत मिली है, यदि ऐसा हुआ है, तो बेहद गंभीर मामला है और गलत है, ऐसी किसी भी कार्यप्रणाली को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इसमें हम जल्द ही निश्चिित रूप से कार्यवाही करने जा रहे हैं। 

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