ईओ डॉ. प्रज्ञा के अपमान पर सीएम योगी सख्त: बैठाई विभागीय जांच

मुजफ्फरनगर। प्रदेश के नगरीय निकायों में अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गंभीर संज्ञान के बाद इसी क्रम में मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद के कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार पर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह से अभद्रता, वरिष्ठ होने के बावजूद उनका अपमान करने, उनके आदेशों की अवहेलना और कार्य में बाधा डालने के गंभीर आरोपों के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी ने ईओ की शिकायत का लिया संज्ञान

इसे भी पढ़ें:  सीएम योगी से बोले कपिल देव-मुजफ्फरनगर से मिटाओ मुगलों की पहचान महाराज जी

ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह की शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं संज्ञान लिया और नगर विकास विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने सहारनपुर मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) को इस मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

ईओ की शिकायत के बाद दिनेश कुमार का हो चुका है तबादला

कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने डॉ. प्रज्ञा के साथ अमर्यादित व्यवहार किया, विभागीय आदेशों की अनदेखी की और नगरपालिका के दैनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें पूर्व में नगर पालिका से हटाकर स्थानीय निकाय निदेशालय, लखनऊ से सम्बद्ध किया गया था। अब उनके खिलाफ पुलिस अधिनियम 1966 तथा अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 के अंतर्गत विभागीय जांच शुरू की गई है।

इसे भी पढ़ें:  एमजी पब्लिक स्कूल में नन्हे विद्यार्थियों की ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित

 मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। नगर विकास विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, दिनेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ अपने वरिष्ठ महिला अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उच्चाधिकारियों के निदेर्शों की भी अनदेखी की और कार्यों में बाधा पहुंचाई। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच प्रारम्भ की गई है। इस मामले में सहारनपुर मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि नगरीय निकायों में अनुशासनहीनता और लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि आवश्यक हुआ तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में नहीं होगा पुराने वाहनों का नया पंजीकरण
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *