मीरापुर उपचुनाव-एक बूथ के वोट नहीं दिखा पाई ईवीएम, पर्ची करेगी फैसला

मुजफ्फरनगर। मीरापुर विधानसभा उपचुनाव की शनिवार को चल रही मतगणना के दौरान ईवीएम भी धोखा देने लगी हैं। इस विधानसभा के एक बूथ की ईवीएम को काउंटिंग टेबल पर लगाया गया और गिनती के लिए स्विच ऑन किया गया तो ईवीएम से परिणाम नहीं बाहर आये। कई बार के प्रयास के बावजूद भी ईवीएम वोटों के बंटवारे का प्रदर्शन नहीं कर पाई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि यहां के मतों को लेकर पर्ची से फैसला किया जायेगा।

मीरापुर उप चुनाव को लेकर चल रही मतगणना में अभी तक का परिणाम रालोद-भाजपा गठबंधन के पक्ष में एक तरफा रहा है। इसी बीच जब 10वें राउंड की मतगणना शुरू हुई तो बूथ संख्या 112 की ईवीएम को भी स्ट्रांग रूम से निकालकर सुरक्षा के बीच मतगणना टेबिल तक पहुंचाया गया। यह बूथ मुस्लिम बाहुल्य गांव बेहड़ा सादात का बताया गया। यहां प्राथमिकता विद्यालय नम्बर 2 के कमरा नम्बर 2 में यह बूथ बनाया गया था। बूथ 112 की ईवीएम को जब मतगणना एजेंटों के सामने मतों की गिनती के लिए प्रस्तुत कर चालू किया गया तो ईवीएम जवाब दे गई और मतों के बंटवारे का डिस्प्ले नहीं दे पाई। मतगणना कार्मिकों ने कई बार प्रयास किया, लेकिन ईवीएम नहीं चली। ऐसे में रिटर्निंग ऑफीसर को सूचित किया गया और तकनीकी रूप से भी ईवीएम को दिखवाया गया, लेकिन ईवीएम ने वोटों का प्रदर्शन नहीं किया तो इसको अलग निगरानी में रखवा दिया गया। बताया गया कि जिला निर्वाचन अधिकारी को भी इसके सम्बंध में सूचित किया गया। निर्णय लिया गया कि इस बूथ पर पड़े वोटों की गिनती पर्ची के माध्यम से कराइ जायेगी। रिटर्निंग ऑफीसर ने बताया कि गांव बेहड़ा सादात के बूथ संख्या 112 की ईवीएम के मत काउंट नहीं हो पाये हैं, तकनीकी कमी के कारण ईवीएम प्रदर्शन नहीं कर पाई। बूथ संख्या 112 की गिनती पर्ची के माध्यम से होगी।

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बता दें कि बूथ संख्या 112 पर कुल 1239 मतदाता पंजीकृत हैं, इनमें से 20 नवम्बर को चुनाव के दिन 52.87 प्रतिशत वोटरों ने मतदान किया। यहां डाले गये कुल 655 मतों में 355 पुरुष और 300 महिला मतदाताओं ने वोटिंग की है। इस गांव को मुस्लिम बाहुल्य कहा जा रहा है। गांव के प्रधानपति उपदेश कुमार उर्फ बबलू ने बताया कि गांव में प्राथमिक विद्यालय में ही छह पोलिंग बूथ बने थे। यहां पर सभी पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि गांव में किसी की बाहुल्यता नहीं है। यहां पर मुस्लिम और हिंदू वर्ग के वोट लगभग बराबर ही हैं। बूथ संख्या 112 पर भी मिले जुले वोट हैं। ऐसे में यह तय नहीं माना जा सकता कि यहां पर किसके पक्ष के वोटर ज्यादा हैं। 

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