पूर्व विधायक शाहनवाज राणा को जमान, रिहाई पर अभी अड़चन

मुजफ्फरनगर। पूर्व विधायक शाहनवाज राणा को जीएसटी चोरी प्रकरण में हाईकोर्ट से जमानत तो मिल गई, लेकिन उनकी जेल से रिहाई को लेकर अभी एक मुकदमा अड़चन बन गया है। उनको इस जमानत के बाद भी अभी जेल में रहना होगा।

पांच दिसम्बर को वहलना चौक स्थित राणा स्टील पर जीएसटी मेरठ की टीम ने डिप्टी डायरेक्टर श्रेया गुप्ता के नेतृत्व में छापा मारा गया था। इस दौरान टीम का घेराव कर लिया गया था। इस मामले में जीएसटी अधिकारी की ओर से सिवि लाइन थाने में टीम को बंधक बनाकर घेराव करने, अभद्रता करने और पथराव के आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें पांच दिसम्बर को ही पुलिस ने पूर्व विधायक शाहनवाज राणा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद उनको मोबाइल प्रकरण उजागर होने पर चित्रकूट कारागार में भेज दिया गया।

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शाहनवाज राणा पर कई अन्य मुकदमे भी पुलिस ने दर्ज करते हुए कार्यवाही शुरू कर दी थी। जीएसटी टीम पर हमले को लेकर उनको जमानत मिल गई है, इसमें उनकी एक कंपनी में जीएसटी चोरी को लेकर भी मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में उनको जमानत नहीं मिलने के कारण वो जेल में ही बंद चल रहे थे। बुधवार को राणा परिवार के लिए राहत की खबर रही कि हाईकोर्ट से इस मुकदमे में शाहनवाज राणा को जमानत मिल गई, लेकिन इसके बावजूद भी उनको गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा होने के कारण जेल में ही रहना होगा। 

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