सरकार का फरमान, जुमा 2.30 बजे पढ़ेंगे मुसलमान

मुजफ्फरनगर। इस साल होली को लेकर एक अजीब सी गरमी फिजां में घुली नजर आ रही है। रमजान का महीना और जुमे के दिन के साथ ही होली का पर्व आने के कारण पुलिस और प्रशासन सतर्क है और होली के हुड़दंग को थामने के लिए पहली बार जुमे की नमाज का वक्त कुछ मस्जिदों में बदलने का हुकुम जारी किया गया है। मुसलमानों के बीच सरकार के इस फरमान को लेकर खूब चर्चा हो रही है और मस्जिदों में पहुंचे संदेश को हर नमाज के बाद इमाम की तरफ से नमाजियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी खूब निभाई जा रही है। होली के दिन जुमे की नमाज की व्यवस्था में जनपद में बाजार और मिश्रित आबादी वाली मस्जिदों में ही नमाज का वक्त बदलने की व्यवस्था की गई है। मुसलमान हाकिम के इस हुकुम को स्वीकार कर चुका है और बाजारों या मिश्रित आबादी वाली मस्जिदों के आसपास नमाज के दौरान विशेष सुरक्षा बंदोबस्त करने की आवाज भी अफसरों तक पहंुचाई जा रही है।

बता दें कि इस साल होली का पर्व यानि की फाग 14 मार्च के दिन है। ऐसे में मुस्लिमों का पवित्र माह रमजान चल रहा है और होली के फाग के दिन जुमा है। रमजान के जुमे की नमाज को लेकर मुस्लिमों में विशेष उत्साह और आस्था बनी रहती है। इस कारण मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसी दिन होली पर हुरियारों की टोलियां भी रंगों गुलाल उड़ाते हुए यहां से वहां घूमती है और खूब मस्ती का आलम बना रहता है। होली का फाग और जुमे की नमाज का टकराव कानून व्यवस्था की स्थिति को न बिगाड़ दे, इसी को लेकर पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसके सम्बंध में जनपद में भी लगातार थानों में शांति समिति की बैठकों का दौर बना हुआ है। जिला स्तर पर भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारी दोनों समुदायों के धार्मिक गुरूओं और अन्य लोगों के साथ मीटिंग कर होली और जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण व्यवस्था के साथ निपटाने में सहयोग मांगते हुए सख्त संदेश भी दे चुके हैं। इसी बीच एक संदेश भी पुलिस कर्मियों के जरिये मस्जिदों तक पहुुंचाया जा रहा है, जिसमें 14 मार्च को जुमे की नमाज का वक्त बदलने की बात कही जा रही है। मस्जिदों की इंतजामिया कमेटी सरकार का यह फरमान इमाम के जरिये नमाजियों तक पहंुचाने के लिए लगातार काम कर रही है। इस संदेश में यही कहा गया है कि जनपद में जहां भी बाजार और मिश्रित आबादी क्षेत्र में मस्जिद हैं और उनमें जुमे की नमाज होती है, ऐसी सभी मस्जिदों में 14 मार्च को जुमे की नमाज ढाई बजे ही अदा करने की व्यवस्था रहेगी। इसमें कई मस्जिद ऐसी भी हैं, जहां पर पहले से ही जुमे की नमाज का वक्त ढाई बजे ही मुकर्रर है, लेकिन जिन मस्जिदों में इससे पहले जुमे की नमाज होती है, उनमें यह नमाज होली के दिन ढाई बजे अदा होगी। इसके पीछे पुलिस और प्रशासन का मकसद यह है कि होली पर फाग की मस्ती का जोर दो बजे तक थम जाता है, भीड़ और उत्साह भी कम हो जाता है। ऐसे में नमाज के दौरान कोई अप्रिय घटना घटित होने की संभावना क्षीण रहेंगी। सूत्रों के अनुसार शहर के साथ ही जनपद में ऐसी 27 मस्जिदों की सूची मुस्लिम धर्मगुरूओं के साथ हुई वार्ता के बाद पुलिस द्वारा तैयार की गई है, जिनमें जुमे की नमाज 14 मार्च के दिन ढाई बजे अदा करने का फरमान दिया गया है। शहर की बात करें तो इनमें मीनाक्षी चौक पर मस्जिद तकिया शाह विलायत, रुड़की रोड पर मस्जिद गूलर वाली, मस्जिद इमली वाली, लोहिया बाजार हौज वाली मस्जिद, आबकारी रोड हौज वाली मस्जिद, ब्रहमपुरी मस्जिद, मस्जिद सादात हॉस्टल आर्य समाज रोड, मस्जिद नुमाइश कैम्प मेरठ रोड, मस्जिद पड़ाव वाली आदि शामिल हैं। मस्जिदों में जुमे की नमाज का वक्त बदलने को लेकर हालांकि पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई अधिकारिक बयान या आदेश जारी नहीं किया गया है। अफसर इस बारे में बात करने से भी बच रहे हैं। पुलिस या प्रशासनिक अफसरों की ओर से बस इतना ही कहा जा रहा है कि होली और जुमे की नमाज को देखते हुए जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ रखने के लिए दोनों समुदायों के लोगों के साथ आपसी सहमति बनाकर काम किया जा रहा है। जो निर्णय लिये जा रहे हैं, वो सामाजिक तौर पर लोग आपसी सद्भाव बनाये रखने के लिए ले रहे हैं। 14 मार्च के दिन होली और जुमे को लेकर एक गोपनीय संदेश के साथ पुलिस और प्रशासन के द्व ारा यह साफ कर दिया गया है कि बाजार और मिश्रित आबादी वाली मस्जिदों में जुमे की नमाज एक समय ढाई बजे ही अदा की जायेगी।

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जुमे की नमाज में बदलाव की गुंजाइश, सुरक्षा पर ध्यान देंः मुफ्ती जुल्फिकार

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश इमाम संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और मुफ्ती जुल्फिकार अली ने कहा कि शांति समिति की बैठक में एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने 14 मार्च को होली का फाग और रमजान के जुमे की नमाज होने को लेकर आपसी सहमति बनाकर जुमे की नमाज का समय परिवर्तित करने का एक प्रस्ताव रखा था। शरीयत में नमाज के लिए एक वक्त मुकर्रर किया गया है। जुमे की नमाज में वक्त बदलने की गुंजाइश भी शरीयत में दी गई है। तीन बजे से असर की नमाज का वक्त शुरू हो जाता है, इससे पहले पहले तक जुमे की नमाज अदा की जा सकती है। शहर में पड़ाव वाली मस्जिद में ढाई बजे जुमे की नमाज पहले से ही होती रही है। इसके साथ ही कई मस्जिदों में नमाज दो बजे या इसके बाद होती है। यह कोई मसला नहीं है। हमने पुलिस प्रशासन का संदेश इंतजामिया और इमामों तक पहुंचाने का काम किया है। पुलिस की ओर से भी मस्जिद के इंतजामिया से बात कर ली गई है। मुसलमान हमेशा ही सहयोग में साथ खड़ा रहा है, लेकिन हम प्रशासन से यही चाहते हैं कि जो मस्जिद बाजार या मिश्रित आबादी में हैं, होली के दिन वहां पर अतिरिक्त सुरक्षा बंदोबस्त किये जायें, ताकि शरारती तत्व कोई गड़बड़ी की स्थिति पैदा न कर पायें। दोनों समुदाय मिलकर अपने अपने धर्म के अनुसार नमाज और होली मनायेंगे। जो मस्जिद मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में हैं, वहां पर जुमे की नमाज अपने तय वक्त पर ही होंगी। कुछ मस्जिदों में नमाज अव्वल वक्त साढ़े बारह बजे के बाद अदा की जाती है। शहर काजी तनवीर आलम ने कहा कि हमने शांति समिति की बैठक में अपनी सभी बात रख दी थी। हम लगातार मुस्लिमों से होली के रंग वाले दिन आपसी भाईचारा बनाते हुए जुमे की नमाज अदा करने की अपील कर रहे हैं। उस दिन अवकाश रहेगा, ऐसे में बाजारों की मस्जिदों में जाने के बजाये अपने इलाकों की मस्जिदों में ही नमाज अदा करें तो बेहतर रहेगा। मिश्रित आबादी की मस्जिदों पर सुरक्षा व्यवस्था की हमारी मांग है।

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