MUZAFFARNAGAR-रिश्वतकांड में फंसे दरोगा देवपाल सिंह संस्पेंड

मुजफ्फरनगर। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार का प्रकरण आज फिर से सामने आया है। एक ओर दरोगा को रिश्वत लेने के आरोप में कार्यवाही का सामना करना पड़ा है। इससे पहले एक चौकी इंचार्ज महिला से रिश्वत मांगने के आरोप में विजिलेंस की टीम ने उसको गिरफ्तार किया था। अब रिश्वत प्रकरण में ही दागी दरोगा को एसएसपी द्वारा तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही दरोगा पर लगाये गये आरोपों और रिश्वत लेते हुए उसकी वीडियो को लेकर एसएसपी ने जांच भी बैठा दी है।

पुलिस विभाग में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार का प्रकरण थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को फिर से पुलिस विभाग में रिश्वत की खबर गरम रही। भोपा थाना क्षेत्र की सीकरी पुलिस चौकी पर तैनात अतिरिक्त सब इंस्पेक्टर देवपाल सिंह पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। बताया गया है कि देवपाल सिंह द्वारा रिश्वत लेते हुए एक वीडियो भी बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल तो नहीं हुआ, लेकिन इसी वीडियो के आधार पर पीड़ित द्वारा पुलिस विभाग के आला अफसरों से शिकायत की थी। इसमें एसपी देहात ने वीडियो को परखने के बाद एसएसपी अभिषेक सिंह को जानकारी दी। वीडियो के आधार पर एसएसपी ने प्रथम दृष्टया सब इंस्पेक्टर देवपाल सिंह को गलत आचरण का दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया है। इससे पुलिस विभाग में हलचल मची हुई है।

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एसपी देहात आदित्य बंसल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि रिश्वत मांगने के प्रकरण में दरोगा पर एसएसपी के आदेश पर कार्यवाही की गई है। इस मामले में पीड़ित के आरोपों को लेकर जांच की जा रही है। सीओ भोपा देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि सीकरी चौकी पर अतिरिक्त उप निरीक्षक के रूप में तैनात देवपाल सिंह आईजीआरएस पर की गई एक शिकायत के मामले में जांच कर रहे थे। इसी प्रकरण को निपटाने के लिए शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने के आरोप उन पर लगे हैं। रिश्वत लेते हुए दरोगा का वीडियो बनाया गया, जिसके साथ शिकायत की गई। एसएसपी द्वारा वीडियो का संज्ञान लेते हुए आरोपी दरोगा देवपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में एसएसपी ने जांच के आदेश भी दिये हैं। बता दें कि इससे पहले भी एक मुकदमे में राहत देने के लिए महिला से दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए शाहपुर थाने के एक दरोगा को सहारनपुर एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया था। दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी भी की गई थी। अब एक ओर दरोगा के रिश्वतकांड में फंसने पर पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा हो रहा है। 

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