KHULASA-जेल की टशनबाजी में हुआ था शातिर सागर का कत्ल

मुजफ्फरनगर। मेरठ के निवासी शातिर सागर की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने दावा किया है कि जेल में बंद रहने के दौरान दूसरे अपराधी से हुई टशनबाजी की रंजिश में ही सागर का कत्ल किया गया और शव को नाले में फैंक दिया गया था। पुलिस ने सागर की हत्या के आरोप में शातिर अपराधी गौरव साहित तीन को गिरफ्तार करते हुए उनसे आला कत्ल भी बरामद करने का दावा किया है। तीनों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उनको जेल भेज दिया गया।

बता दें कि 30 अगस्त को खतौली थाना क्षेत्र के गांव शेखुपुरा के जंगल में एक युवक का गोली लगा शव नाले में पड़ा हुआ मिला था। मृतक युवक की पहचान सागर अहलावत के रूप में हुई थी। पुलिस ने बताया था कि सागर छह माह पूर्व ही जेल से छूटकर आया था और एक किन्नर के साथ खतौली में किराये के मकान में रह रहा था। क्षेत्राधिकारी खतौली राम आशीष यादव ने बताया कि मनोज कुमार पुत्र स्व. ओमवीर सिंह निवासी मनोहरपुरी कस्बा व थाना दौराला मेरठ द्वारा थाना खतौली पर 30 अगस्त को लिखित तहरीर देते हुए अवगत कराया गया था कि अज्ञात लोगों के द्वारा उनके पुत्र सागर अहलावत की हत्या करशव को शेखपुरा के जंगल में फेंक दिया गया। तहरीर के आधार पर थाना खतौली पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया और एसएसपी के आदेश पर खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि गुरूवार को थाना प्रभारी खतौली इंस्पेक्टर उमेश रोरिया के नेतृत्व में पुलिस द्वारा हत्या के अभियोग का सफल अनावरण करते हुए 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनमें मोहित पुत्र ओमकार गुर्जर निवासी ग्राम पिपलहेडा थाना खतौली, हाल निवासी किराये का मकान रोहटा रोड, मेरठ, गौरव सिरोही पुत्र रामकुमार निवासी तुलसी कालौनी थाना कंकरखेडा, मेरठ और सचिन पुत्र स्व. बिजेन्द्र निवासी तीर्थ कालौनी थाना खतौली, हाल निवासी मुजाहिदपुर भूपखेडी थाना रतनपुरी शामिल हैं। पुलिस ने सागर की हत्या में प्रयुक्त 01 तमंचा मय 01 खोखा कारतूस 315 बोर बरामद कर लिया है।

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सीओ खतौली के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्त गौरव सिरोही द्वारा पुलिस को बताया गया कि जेल में उसकी सागर अहलावत से कहासुनी हो गयी थी, जिस कारण उसने अपने साथी मोहित के साथ मिलकर 29 अगस्त को सागर अहलावत की गोली मारकर हत्या कर दी तथा शव को सचिन व मोहित ने मिलकर नाले में डाल दिया था। सीओ ने बताया कि मुख्य हत्यारोपी गौरव शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ दिल्ली, मेरठ, बागपत आदि स्थानों पर 22 मुकदमे दर्ज पाये गये हैं। जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, चोरी, मारपीट, आर्म्स एक्ट आदि के मामले शामिल हैं। हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक उमेश रोरिया, एसएसआई प्रवीन कुमार, कांस्टेबल नरोत्तम, अलीम, राहुल नागर और योगेश शामिल रहे। 

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