लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गठबंधन से अलग रखने पर नुकसान समाजवादी पार्टी को भी उठाना पड़ सकता है। मसूद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बड़ा दिल दिखाने और सीट बंटवारे पर जल्द फैसला करने की अपील की।
नई जिम्मेदारी की घोषणा से पहले दिए साक्षात्कार में इमरान मसूद ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच मतभेद की बात को खारिज किया। हालांकि, उन्होंने माना कि विपक्ष को भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिए बेहतर समन्वय और समय रहते चुनावी तैयारी करनी होगी।
बेहतर तालमेल होता तो नतीजे अलग होते: मसूद
मसूद ने पिछले चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच अधिक प्रभावी तालमेल होता तो परिणाम अलग हो सकते थे। उनके मुताबिक भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों को अपने संगठन, संसाधन और चुनावी रणनीति पहले से तैयार करनी होगी।
भाजपा और चुनाव आयोग को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाए। हालांकि, ये इमरान मसूद के राजनीतिक दावे हैं और इस संबंध में निर्वाचन आयोग अथवा भाजपा की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस को बताया गठबंधन की ढाल
अखिलेश यादव की ओर से सीट बंटवारे में जीत की संभावना को आधार बनाए जाने संबंधी टिप्पणी पर मसूद ने कहा कि किसी दल की राजनीतिक उपयोगिता केवल उसकी मौजूदा सीटों से तय नहीं की जा सकती।
उन्होंने कांग्रेस की भूमिका को समझाने के लिए उसे “सोडियम” और “उत्प्रेरक” जैसी उपमाएं दीं। मसूद का कहना था कि कांग्रेस संख्या में छोटी दिखाई देने के बावजूद चुनावी मुकाबले को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कांग्रेस को गठबंधन की ढाल बताते हुए कहा कि इसे हटाने से सहयोगी दल को भी नुकसान हो सकता है।
अखिलेश से बड़ा दिल दिखाने की अपील
इमरान मसूद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन का नेतृत्व कर रहे अखिलेश यादव को सीट बंटवारे में बड़ा दिल दिखाना चाहिए। उनके अनुसार, समय रहते समझौता होने से सपा को ही चुनावी लाभ मिलेगा।
मसूद ने अक्टूबर तक गठबंधन और सीट बंटवारे की स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जल्द निर्णय होने पर दोनों दलों को जमीनी स्तर पर साझा तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
ममता बनर्जी का दिया उदाहरण
कांग्रेस नेता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए विपक्षी एकता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों को कांग्रेस के साथ मिलकर व्यापक रणनीति तैयार करनी चाहिए।
मसूद ने संकेत दिया कि गठबंधन संबंधी निर्णय में देरी होने से विपक्षी दलों की चुनावी तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को समय रहते बातचीत पूरी करनी चाहिए।
यूपी कांग्रेस में मिला अहम पद
कांग्रेस नेतृत्व ने इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। सहारनपुर से सांसद मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की संगठनात्मक और चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
