यमुना के उफान से थमा मुजफ्फरनगर का रेल यातायात

हज़ारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं, रोज़ाना सफर करने वाले सबसे ज़्यादा परेशान

मुजफ्फरनगर। प्राकृतिक आपदाएं केवल नदियों के किनारे बसे गांवों-शहरों को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि आधुनिक जीवन की रफ्तार को भी रोक देती हैं। ऐसा ही नजारा इस बार लगातार हो रही बारिश और आ रही वर्षाजनित आफत के बीच देखने को मिल रही है। दिल्ली में यमुना के उफान ने ऐसा असर दिखाया, जिसने लोहे के पुल को बंद कराकर हज़ारों रेल यात्रियों को अचानक ठहराव के संकट पर लाकर खड़ा किया। ड्यूटी पर जाने वाले दैनिक यात्री हों या लंबी दूरी के सफर पर निकले लोग रेल यातायात ठप होने के कारण सभी फंसे हुए हैं और मुश्किलों का सामना करते हुए अपना सफर पूरा कर रहे हैं।

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दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने से लोहे का रेल पुल बंद कर दिया गया है। इस वजह से दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों का संचालन ठप हो गया है। मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली जाने के लिए मुजफ्फरनगर में भी रेल यातायात लगभग ठप हो गया है। यमुना में आई बाढ़ के कारण रेलवे विभाग ने सुरक्षा के मद्देनज़र दिल्ली-अंबाला इंटरसिटी (14521), दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर (64559), सहारनपुर-दिल्ली मोमो सुपरफास्ट पैसेंजर (20412) को रद्द कर दिया है। जालंधर-नई दिल्ली सुपर एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से मेरठ तक ही चलाया जा रहा है। उत्कल एक्सप्रेस लगभग 9 घंटे की देरी से चल रही है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सबसे अधिक दिक्कत उन यात्रियों को हो रही है जो रोज़ाना सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, खतौली से गाज़ियाबाद और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में नौकरी या व्यवसाय के लिए सफर करते हैं। सुबह से ही स्टेशन पर वैकल्पिक इंतज़ाम की तलाश में यात्री परेशान नज़र आए। दैनिक रेल यात्री संघ के अध्यक्ष घनश्याम भगत और महामंत्री दीपक गुप्ता ने रेलवे प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों ने रेल मंत्री और दिल्ली मंडल के डीआरएम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) के माध्यम से भी अवगत कराया है कि दिल्ली-शाहदरा तक ट्रेनों को चलाया जाए ताकि हज़ारों यात्री अपनी ड्यूटी पर पहुंच सकें। मुजफ्फरनगर, मेरठ, खतौली और सहारनपुर के स्टेशनों पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। यात्री बार-बार स्टेशन पर सूचना लेने आ रहे हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति सुधरने के संकेत नहीं दिख रहे। प्रशासन ने कहा है कि पानी का स्तर सामान्य होने पर ही पुल पर आवागमन बहाल किया जाएगा।

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