हाईवे पर दौड़ती रोडवेज बस बनी आग का गोला, 40 यात्रियों की जान बची

सभी ने चालक और परिचालक की सतर्कता और सूझबूझ की सराहना की, जिसकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया

वहलना कट के पास सीएनजी बस में अचानक लगी आग, यात्रियों के उतरते ही हुआ विस्फोट, घंटों प्रभावित रहा यातायात

मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब मेरठ की ओर जा रही रोडवेज की सीएनजी बस में अचानक आग भड़क उठी। चालक और परिचालक की तत्परता से बस में सवार करीब 40 यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सभी यात्रियों के उतरने के कुछ ही पल बाद बस में तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।

जानकारी के अनुसार वैशाली डिपो की बस संख्या यूपी-87 सीटी-1760 मुजफ्फरनगर से मेरठ की ओर जा रही थी। जैसे ही बस वहलना चौक कट के समीप पहुंची, इंजन की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद परिचालक के साथ मिलकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यात्रियों के बस से उतरने के कुछ ही क्षण बाद जोरदार धमाका हुआ और आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में बस धू-धूकर जलने लगी, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

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घटना की सूचना मिलते ही मंसूरपुर थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। एहतियात के तौर पर पुलिस ने हाईवे पर यातायात रोक दिया, जबकि दमकल कर्मियों ने दो फायर टेंडरों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। आग लगने के कारण दिल्ली-देहरादून हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।

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बस में सफर कर रहे यात्रियों ने बताया कि वहलना कट के पास अचानक धुआं उठने लगा और चालक ने बिना घबराए बस रोककर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। यात्रियों का कहना था कि यदि कुछ मिनट की भी देरी होती तो घटना भयावह रूप ले सकती थी। सभी ने चालक और परिचालक की सतर्कता और सूझबूझ की सराहना की, जिसकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद यात्री भी दूसरे वाहनों से सवार होकर रवाना हो गये थे और चालक परिचालक भी मेरठ की ओर चले गये।

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