रस्म तेरहवीं में उमड़ा उद्योग, व्यापार और सामाजिक जगत, मंत्री कपिल देव, सांसद हरेन्द्र मलिक व राकेश टिकैत ने दी श्रद्धांजलि
मुजफ्फरनगर। बिंदल ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं जनपद के प्रमुख उद्यमी सुरेश चंद बिंदल के निधन पर गुरुवार को आयोजित रस्म तेरहवीं में उद्योग, व्यापार, सामाजिक और राजनीतिक जगत की हस्तियां बड़ी संख्या में पहुंचीं। भोपा रोड स्थित होटल प्लासा में आयोजित शोकसभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत उद्योगपति को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। सभी ने भावपूर्ण अंतिम नमन करते हुए औद्योगिक और व्यापारिक उपलब्धियां हासिल करने के साथ ही सुरेश चन्द मित्तल के द्वारा सामाजिक क्षेत्र में किये गये कार्यों को याद किया।
उद्यमी एवं समाजसेवी सुरेश चंद बिंदल का एक अगस्त 2026 को गांधी कालोनी स्थित आवास पर निधन हो गया था। उनके निधन से उद्योग जगत के साथ-साथ मुजफ्फरनगर के सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। गुरुवार को आयोजित तेरहवीं संस्कार में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने उन्हें अंतिम नमन किया और शोकाकुल बिंदल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

शोकसभा में प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद हरेन्द्र मलिक तथा भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व मंत्री एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ठा. सुरेश राणा, उद्यमी भीमसेन कंसल सहित अनेक प्रमुख लोग पहुंचे। दोनों ने सुरेश चंद बिंदल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उनके उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सुरेश चंद बिंदल ने अपने परिश्रम, दूरदर्शिता और व्यवहार कुशलता से अपनी अलग पहचान बनाई।

सुरेश चंद बिंदल को मुजफ्फरनगर के उद्योग जगत की ऐसी शख्सियत के रूप में याद किया जा रहा है, जिन्होंने व्यापार और उद्योग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी हमेशा महत्व दिया। बिंदल ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों के माध्यम से उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की।

उनके परिचितों और शुभचिंतकों के अनुसार, उन्होंने सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रखा, बल्कि परिवार, समाज और जरूरतमंद लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया। यही वजह रही कि उनके अंतिम संस्कार और अब रस्म तेरहवीं में उद्योगपतियों के साथ व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।

सुरेश चंद बिंदल का व्यक्तित्व केवल एक सफल उद्यमी तक सीमित नहीं था। उन्होंने अपने परिवार को एकजुट रखते हुए आने वाली पीढ़ी को मेहनत, अनुशासन और सेवा का मार्ग दिखाया। परिवार के सदस्यों ने भी उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए उद्योग के साथ सामाजिक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया। बिंदल परिवार से जुड़े लोग विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से सेवा कार्यों में सक्रिय हैं। परिवार की ओर से संचालित सामाजिक गतिविधियों और एनजीओ के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता तथा समाजसेवा के कार्य किए जा रहे हैं। यही उनके जीवन मूल्यों की सबसे बड़ी विरासत मानी जा रही है।

तेरहवीं संस्कार के अवसर पर होटल प्लासा में माहौल बेहद भावुक रहा। उपस्थित लोगों ने कहा कि सुरेश चंद बिंदल का जाना उद्योग और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके सहज व्यवहार, मिलनसार व्यक्तित्व, उद्यमशीलता और समाज के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा। शोकसभा में पहुंचे लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त बिंदल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। सुरेश चंद बिंदल की स्मृतियां और उनके द्वारा स्थापित सेवा एवं परिश्रम की परंपरा अब उनके परिवार और उनसे जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

इस दौरान मुख्य रूप से बिन्दल परिवार से राकेश बिन्दल, अशोक बिन्दल, अनिल बिन्दल, मयंक बिन्दल, अमित बिन्दल, विकास बिन्दल, सचिन बिन्दल, अंकुर बिन्दल, आयुष बिन्दल, सरस्वती बिन्दल, सुरभि बिन्दल, शशि बिन्दल, सीमा बिन्दल, शिल्पी बिन्दल, श्वेता बिन्दल, सानया बिन्दल, दिशा बिन्दल, संस्कार बिन्दल, श्रीति बिन्दल, सात्विक बिन्दल, साव्या बिन्दल, शिविक, शिवांश, शुभ, सौरिश, अकाय, सन्नवी, कृतवि, अहाना के अलावा उद्योगपति सतीश चन्द गोयल, भीम कंसल, आलोक स्वरूप, अनिल स्वरूप, अंकित गर्ग, शिवनारायण अग्रवाल, सुरेन्द्र अग्रवाल, डॉ. यश अग्रवाल, इलम सिंह गुर्जर, सतपाल सिंह मान, ठा. पूरण सिंह, गिरीश अग्रवाल, हरेन्द्र शर्मा, भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी, डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ, अनिल तायल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, अशोक बालियान, देवव्रत त्यागी, इलम सिंह गुर्जर, सोमपाल भाटी, शलभ गुप्ता, निर्दाेष चौधरी, शंकर स्वरूप, सतीश गर्ग, आकाश कुमार, कृष्ण गोपाल मित्तल, संजय मित्तल, गजेंद्र राणा, अशोक अग्रवाल, डॉ. सुभाष शर्मा, राजीव गर्ग आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
