विद्यालय परखने को चलेगा औचक निरीक्षण का अभियानः डीएम

मुजफ्फरनगर। विकास भवन सभागार में शुक्रवार को जिला शिक्षा परियोजना समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला अनुश्रवण समिति/डीटीएफ की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शिक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई तथा कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। बैठक में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि बच्चों व शिक्षकों की सुरक्षा के मद्देनज़र विद्युत खंभों एवं ट्रांसफार्मरों को कावड़ यात्रा की तर्ज पर पॉलिथीन से सुरक्षित ढका जाए। साथ ही विशेष अभियान चलाकर सभी विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी विद्यालय परिसर में ट्रांसफार्मर पाया जाता है तो उसे बैरिकेडिंग से सुरक्षित किया जाएगा।

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जर्जर अवस्था में पहुंचे कक्षा-कक्षों के तत्काल ध्वस्तीकरण के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सभी बीईओ और बीडीओ को वीडियोग्राफी सहित दस्तावेज तैयार करने के लिए कहा है। यह प्रक्रिया एक अगस्त को ही पूरी की जानी है। वीडियोग्राफी में विद्यालय की अवस्थिति, नामांकन, भवन की स्थिति आदि सभी बिंदुओं का समावेश आवश्यक बताया गया। ‘स्कूल चलो अभियान’ की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने नामांकन में अपेक्षित वृद्धि न होने पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि जिन ब्लॉकों में नामांकन असंतोषजनक मिलेगा, वहां के बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। टास्क फोर्स के निरीक्षणों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी समयबद्ध तरीके से निरीक्षण करें और रिपोर्ट बीएसए को सौंपें। निरीक्षण में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भवन की स्थिति, जल निकासी और प्रकाश व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र से कम से कम 10 ऐसे शिक्षकों के नाम देने के निर्देश दिए गए हैं, जो बेहतर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इन शिक्षकों को सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया जाएगा।

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डीबीटी योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यार्थी के अभिभावक के खाते में शत-प्रतिशत धनराशि पहुंचनी चाहिए। सभी बच्चों का आधार कार्ड बनवाना भी अनिवार्य बताया गया। बैठक में फर्नीचर आपूर्ति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि बच्चों के लिए खरीदे जा रहे फर्नीचर की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। यदि किसी विद्यालय में घटिया फर्नीचर आपूर्ति पाई गई तो संबंधित बीईओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। फर्श और बाउंड्री वॉल के अधूरे कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्रातिशीघ्र कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि दिए गए निर्देशों का पालन गंभीरता और समयबद्धता से किया जाए ताकि विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ और सुरक्षित बनाई जा सके।

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