वाल्मीकि जयंती-मीनाक्षी चौक पर हिंदू वाहिनी के विवादित होर्डिंग से तनाव

हिंदू युवा वाहिनी ने मुस्लिम बाहुल्य इलाके मीनाक्षी चौक का नाम बदल लगाया महर्षि वाल्मीकि चौक के नाम का होर्डिंग, वाल्मीकि क्रांति दल ने किया हिंदू युवा वाहिनी का विरोध

मुजफ्फरनगर। आई लव मोहम्मद और आई लव महादेव की पोस्टरबाजी की गरमाहट के बीच ही मंगलवार को वाल्मीकि जयंती के मौके पर शहर के संवेदनशील क्षेत्र मीनाक्षी चौक पर लगे एक विवादित होर्डिंग ने माहौल को गर्मा दिया। हिंदू युवा वाहिनी द्वारा मुस्लिम बहुल क्षेत्र मीनाक्षी चौक का नाम बदलकर महर्षि वाल्मीकि चौक के रूप में नया नाम दर्शाते हुए होर्डिंग लगाए जाने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर होर्डिंग को हटवा दिया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। विवाद बढ़ता देख प्रशासन भी सतर्क हो गया है, वहीं वाल्मीकि क्रांति दल ने इस घटना की निंदा करते हुए हिंदू युवा वाहिनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली हैं और प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए।

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पिछले काफी समय से हिंदू युवा वाहिनी के द्वारा जनपद मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर करने का एक बड़ा अभियान चलाया हुआ है। संगठन के नेताओं द्वारा स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जनपद का नया नाम लक्ष्मीनगर करते हुए एक बैनर लगा दिया गया था, जिसको लेकर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया। इसी संगठन के पदाधिकारी शहर के मुस्लिम बहुल और संवेदनशील क्षेत्र मीनाक्षी चौक का नाम भी महर्षि वाल्मीकि चौक करने की मांक कर रहे हैं, जबकि दूसरे संगठन और वाल्मीकि समाज इस मांग का लगातार विरोध कर रहा है।

इसी बीच मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि प्रकाट उत्सव के अवसर पर हिंदू युवा वाहिनी की ओर से मीनाक्षी चौक पर एक होर्डिंग लगाया गया, जिसको लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। तथाकथित हिंदूवादी नेताओं द्वारा महर्षि वाल्मीकि चौक के नाम से होर्डिंग लगाने के कारण तनाव बढ़ा दिया है। इसके बाद स्थानीय लोगों में रोष फैल गया है। इसे लेकर वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया है। वाल्मीकि क्रांति दल के अध्यक्ष दीपक गंभीर ने कहा कि मीनाक्षी चौक का वाल्मीकि समाज से कोई संबंध नहीं है।

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यह कदम समाज में फूट डालने की साजिश है। हमारे त्योहार महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम शांति और भाईचारे के साथ अपना पर्व मनाना चाहते हैं, लेकिन ऐसी हरकतें असहनीय हैं। प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। दीपक का कहना है कि मीनाक्षी चौक से वाल्मीकि समाज का कोई वास्ता नहीं है। इसे नॉनवेज होटल का चौराहा बताते हुए हमने पहले ही इसका विरोध किया था। हिंदू धर्म में मांस सेवन का कोई स्थान नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भी कुछ तथाकथित हिंदूवादी नेता माहौल को खराब करने के लिए इस चौराहे को महर्षि वाल्मीकि का नाम देकर भगवान का अनादर करने पर तुले हैं।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस व प्रशासन ने यदि माहौल बिगाड़ने वाले तथाकथित नेताओं और आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वालों पर सख्त कार्यवाही नहीं की तो वाल्मीकि समाज का युवा खुद फैसला करने सड़क पर आने से भी पीछे नहीं हटेगा। कुछ तथाकथित नेता राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का शोषण करने का काम कर रहे हैं, जो हम होने नहीं देंगे। वहीं होर्डिंग को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क नजर आया और थाना सिविल लाइन पुलिस ने आर्य समाज रोड के मुहाने पर यूनीपोल पर लगाया गया हिंदू युवा वाहिनी का यह विवादित होर्डिंग उतरवा दिया। इस पर किसी भी पदाधिकारी का नाम नहीं दर्शाया गया, केवल संगठन के नाम से यह होर्डिंग लगवाया गया था। बता दें कि जुलाई माह की शुरूआत में ही हिंदू युवा वाहिनी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रहलाद पाहुजा ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर को सौंपा था और मीनाक्षी चौक का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर करने की मांग की थी।

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