भीषण गर्मी, बिजली कटौती और सूखे से सैकड़ों गांव प्रभावित, भाकियू नेता विकास शर्मा ने सिंचाई विभाग को ठहराया जिम्मेदार
मुजफ्फरनगर। जिले में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी, बारिश की कमी, नहरों में पानी न आने और अंधाधुंध बिजली कटौती ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिंचाई व्यवस्था चरमराने से खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भारतीय किसान यूनियन के नेता एवं जिला पंचायत सदस्य पति विकास शर्मा ने सिंचाई विभाग और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
भाकियू नेता विकास शर्मा ने बताया कि कलरपुर नहर में लंबे समय से पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। खेतों तक पानी न पहुंच पाने के कारण किसानों की धान, गन्ना और अन्य फसलें सूख रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही महंगाई और बढ़ती लागत से परेशान हैं, वहीं अब बिजली कटौती और पानी की कमी ने उनकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर बुधवार को भोजपुर मोड़ पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान किसानों ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए जल्द समाधान की मांग की।
विकास शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आने वाली 30 मई, शनिवार को भोजपुर मोड़ स्थित गंग नहर में किसान उतरकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक किसानों को पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया जाता। आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने की पूरी जिम्मेदारी नहर सिंचाई विभाग की होगी। इस मौके पर ठाकुर बृजपाल सिंह, प्रदीप राणा, अमित कुमार, सुदामा प्रधान, सतीश कुमार, संदीप कुमार, दीपक शर्मा, मीडिया प्रभारी सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।






