सहारनपुर। अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये तक सालाना कैशलेस इलाज की सुविधा देने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा का सहारनपुर के अधिवक्ताओं ने स्वागत किया है। पूर्व डीजीसी क्रिमिनल एवं सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि जरूरतमंद अधिवक्ताओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए शासनादेश और क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देश जल्द जारी होने चाहिए।
अधिवक्ताओं को पांच लाख कैशलेस इलाज की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आयोजित इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये तक की वार्षिक कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने की घोषणा की है।
घोषणा के अनुसार हाईकोर्ट से लेकर जिला अदालतों तक सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को प्रस्तावित चिकित्सा बीमा योजना से जोड़ने की बात कही गई है। योजना के प्रस्ताव बार काउंसिल के माध्यम से सरकार के पास भेजे जाने हैं।
जल्द स्पष्ट हों पात्रता और आवेदन के नियम
राजीव गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब योजना को शीघ्र लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि विस्तृत दिशा-निर्देश आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकृत सभी अधिवक्ता पात्र होंगे या सक्रिय प्रैक्टिस सहित कुछ निर्धारित शर्तें लागू की जाएंगी।
उन्होंने योजना के दायरे, आवेदन प्रक्रिया, सूचीबद्ध अस्पतालों, परिवार के सदस्यों की पात्रता और सुविधा शुरू होने की तारीख भी जल्द स्पष्ट करने की मांग की।
कल्याण निधि और सहायता की आयु सीमा में बदलाव
कार्यक्रम में अधिवक्ता कल्याण से जुड़े कदमों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कल्याण निधि के तहत सहायता राशि डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की जा चुकी है। अधिवक्ता के निधन पर पात्र परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए निर्धारित आयु सीमा भी 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष की गई है।
राजीव गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता से संबंधित व्यवस्थाएं अधिवक्ताओं तथा उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में उपयोगी साबित हो सकती हैं।
सहारनपुर के अधिवक्ताओं ने किया स्वागत
घोषणा का स्वागत करने वालों में अमरीश पुंडीर ‘लाला’, अभय सैनी, राजेंद्र चौहान, नितिन शर्मा, राजकुमार ढींगरा, मुन्नवर आफताब, निशांत त्यागी, सौरभ जैन, रमन गुप्ता, संदीप पुंडीर, रोहित सैनी, शाह आलम, पार्थ सक्सेना, उदय जैन, निशा जैन और अदीब सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
फिलहाल कैशलेस चिकित्सा सुविधा की विस्तृत पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, बीमा प्रदाता और सूचीबद्ध अस्पतालों से संबंधित शासनादेश की प्रतीक्षा है। अधिवक्ताओं ने सरकार से नियम जारी कर योजना को जल्द प्रभावी बनाने की मांग की है।
