PALIKA-विकास के एजेंडे पर भाजपाई सभासद आमने-सामने

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने अपने कार्यकाल का शहरवासियों के लिए विकास की सौगात के लिए सबसे बड़ा एजेंडा प्रस्तुत किया। शहरी विकास के इस एजेंडे को लेकर बोर्ड मीटिंग में हंगामा भी जबरदस्त रहा। भाजपा के सभासद दो गुटों में बंटे नजर आये और एक दूसरे के प्रस्तावों का जमकर विरोध करने के लिए आमने सामने डट गए। इस भारी विरोध के बावजूद भी चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप अपनी सूझबूझ के साथ पूरे बोर्ड का विश्वास जीतने में सफल रही और करीब 35 करोड़ रुपये के 88 प्रस्ताव वाले एजेंडे में केवल एक प्रस्ताव ही निरस्त किया गया। 87 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किये गये। बोर्ड ने करीब 26 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों के साथ ही करीब सवा छह करोड़ रुपये के पथ प्रकाश के कार्यों को मुख्य रूप से हरी झंडी दी तो कई ऐसे मसलों को सुलझाया गया, जो बरसों से पालिका के लिए सिरदर्द बने हुए थे। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप इस बोर्ड मीटिंग में सभी का समर्थन जीतने में सफल रहीं तो वहीं ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह भी ताकतवर बनकर उभरती नजर आई। बोर्ड मीटिंग में अवैध होर्डिंग, वार्डों में सफाई कर्मियों की कम संख्या, ईओ को दी गई गाड़ी, लोकसभा चुनाव के काम के भुगतान ऐसे प्रस्ताव रहे, जिन पर सर्वाधिक हंगामा हुआ। मीटिंग में 55 में से 53 सभासद उपस्थित रहे। 2 महिला सभासद गैर हाजिर रही।

नगरपालिका परिषद् में शनिवार को बोर्ड मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक में पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के द्वारा अपने कार्यकाल का विकास का सबसे बड़ा एजेंडा प्रस्तुत किया गया। इसमें मुख्य रूप से पथ प्रकाश, सड़क और नाली निर्माण तथा पेयजलापूर्ति की व्यवस्था को सृदृढ़ करने के साथ ही बरसों से पालिका के लिए सिरदर्द बने कूड़ा प्लांट तक की जाने वाले मार्ग का निर्माण और प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े के सेग्रिकेशन का प्रस्ताव भी शामिल है। आज पूर्वान्ह 11 बजे पालिका सभागार में बोर्ड मीटिंग शुरू हुई और यह मीटिंग मीनाक्षी स्वरूप के कार्यकाल की सबसे बड़ी मीटिंग रही। मीटिंग की कार्यवाही करीब दो घंटे तक चली। इसमें कांवड़ यात्रा के दौरान करीब 50 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित कार्यों के साथ ही आगामी दिनों में शहर के विकास के लिए होने वाले कार्यों को शामिल किया गया है। कुल 88 प्रस्तावों वाले इस एजेंडे में शहर के विकास के लिए हर बिन्दू को शामिल किया गया है। इन विकास कार्यों पर पालिका प्रशासन बोर्ड फण्ड, राज्य वित्त एवं 15वें वित्त के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि से करीब 35 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से स्ट्रीट लाइट, पेयजलापूर्ति, सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों का लम्बित भुगतान और निर्माण विभाग के कार्यों को शामिल किया गया है। करीब सवा छह करोड़ रुपये की लागत से शहर के 55 वार्डों में स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव शामिल है। किदवईनगर के प्लांट तक सीसी रोड और नाली निर्माण कार्य कराये जाने के लिए पालिका प्रशासन लोक निर्माण विभाग को 2.36 करोड़ रुपये हस्तांतरित करेगा। प्रतिदन शहर से निकलने वाले 234 टन कूड़े के निस्तारण के लिए करीब चार करोड़ रुपये खर्च करने को हरी झंडी दी गई है। इसके साथ ही वार्डों में सीसी सड़क और नाली निर्माण के लिए करीब 25 करोड़ रुपये के 200 नये निर्माण कार्य तथा नाली, पुलिस और चैनल आदि मरम्मत के लिए1.68 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 55 कार्यों को भी हरी झंडी प्रदान की गई है। खालापार हादसे को लेकर पालिका चेयरपर्सन ने मुआवजे के वादे को निभाने का काम भी किया है। इसके लिए मृतक नसीम के परिजनों को सहमति के अनुसार 20 लाख रुपये बतौर मुआवजा बोर्ड फण्ड से देने को भी बोर्ड ने हरी झंडी प्रदान कर दी है।

प्रस्ताव संख्या 329 को बोर्ड की सहमति से पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने निरस्त करते हुए ईओ को जांच और सत्यापन के आदेश दिये हैं। इसमें सभासद शौकत अंसारी ने चार बड़े नालों की सफाइ के कार्यों को शामिल किया गया। आरोप है कि नालों की तली झाड़ सफाई नहीं कराई गई है। इसके अलावा ईओ की गाड़ी लगाये जाने पर भी बोर्ड में भारी हंगामा हुआ। भाजपा सभासद राजीव शर्मा ने इसको लेकर विरोध किया तो भाजपा के ही योगेश मित्तल ईओ को गाड़ी देने के पक्ष में उतर आये। वहीं लोकसभा चुनाव में हुए बूथ निर्माण कार्यों के भुगतान के प्रस्ताव भी भारी हंगामा हुआ। सभासद राजीव शर्मा और मौहम्मद खालिद ने इस पर ऐतराज जताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की तो सभासद शिवम मुन्ना और योगेश मित्तल इन ठेकेदारों को भुगतान करने के पक्ष में खड़े नजर आये। योगेश मित्तल ने भाजपा के ही सभासद मनोज वर्मा के वार्ड 49 में 15 लाख रुपये से अधिक के पथ प्रकाश के फैन्सी लाइट औ पोल्स लगाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि एक वार्ड में ही इतना काम दिये जाने से भेदभाव की नीति परिलक्षित हो रही है। सभासद अन्नू कुरैशी ने अवैध होर्डिंग का मामला उठाते हुए जवाब तलब किया और पुराने भवनों की छतों से होर्डिंग हटवाने की मांग की। इस पर भाजपा सभासदों में तीखी झड़प भी हुई और दो फाड़ नजर आये। कई प्रस्तावों पर हंगामा इतना बढ़ गया कि मत विभाजन तक नौबत पहुंची, लेकिन चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने हंगामे के बीच ही सूझबूझ दिखाते हुए सभासदों का विश्वास जीतने में सफलता पाई। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि करीब 35 करोड़ रुपये के 87 प्रस्ताव पारित किये गये हैं। सदन की सहमति पर एक प्रस्ताव निरस्त हुआ है। इसमें नाला सफाई कार्य की जांच और सत्यापन के निर्देश चेयरपर्सन द्वारा दिये गये हैं। बोर्ड बैठक में 55 में से 53 सभासद उपस्थित रहे। वार्ड संख्या 8 से सभासद मुसीरा और वार्ड 38 से सभासद मरजुबाना ने प्रतिभाग नहीं किया।

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अपनी सम्पत्तियों की सुरक्षा को लेखपाल, सुरक्षा को रिटायर्ड सैनिक रखेगी पालिका

मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद् द्वारा अपनी अचल सम्पत्तियों की सुरक्षा के लिए दो लेखपाल और अभियानों के दौरान पालिका टीम की सुरक्षा के लिए रिटायर्ड सैन्य कर्मचारियों को रखने की कवायद की है। बोर्ड ने इसके लिए हरी झंडी प्रदान कर दी है। इसमें प्रवर्तन दल के रूप में रिटायर्ड कर्नल सहित 13 पूर्व सैनिकों की एक टास्क फोर्स बनायी जायेगी। साथ ही अचल सम्पत्तियों की सुरक्षा और उनकी निगरानी के लिए दो रिटायर्ड लेखपाल भी रखे जायेेंगे। साथ ही अभियानों में सहयोग के लिए आउटसोर्स पर 12 कर्मचारी रखने का प्रस्ताव भी शामिल है।

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महिला सशक्तिकरण का दिखा नजारा, खड़े रहे सभासदपति

मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद में शनिवार को बोर्ड मीटिंग के दौरान महिला सशक्तिकरण का पूरा नजारा देखने को मिला। मंच पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और ईओ डा. प्रज्ञा सिंह के साथ इस बार प्रभारी कार्यालय अधीक्षक के रूप में राजस्व निरीक्षक पारूल यादव भी आसीन रहीं। वहीं बोर्ड मीटिंग में महिला सभासद भी उग्र दिखीं और ममता बालियान, बॉबी सिंह, पारूल मित्तल ने जनहितों के मुद्दों को उठाने के साथ ही यह व्यवस्था भी मांगी की महिला सदस्यों को सदन में अगली पंक्ति में बैठाया जाये। सभासद शिवम ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि अगली पंक्ति की दस सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की जायें। इसके उलट बोर्ड मीटिंग के दौरान सभासद पतियों को दर्शक दीर्घा में खड़े रहना पड़ा। उनके लिए कुर्सी का प्रबंध नहीं किया गया था। वो करीब दो घंटे तक खड़े रहकर बोर्ड मीटिंग की कार्यवाही निहारते रहे।

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बंदर और कुत्तों को मुद्दा भी उठा, सफाई कर्मी बढ़ाने की मांग

मुजफ्फरनगर नगरपालिका की बोर्ड मीटिंग में बन्दरों और कुत्तों का आतंक शहर में होने का मुद्दा भी खूब उठाया गया। सभासद पारूल मित्तल और अब्दुल सत्तार ने ये मामले उठाते हुए पालिका चेयरपर्सन से मांग करते हुए कहा कि इसके लिए अभियान जल्द चलाया जाये। क्योंकि रात्रि में गलियों से गुजरना मुश्किल हो रहा है। पारूल मित्तल ने इस बात पर नाराजगी जताई की करीब छह माह पूर्व पारित प्रस्ताव का क्रियान्वयन कराते हुए बन्दर पकड़ने की व्यवस्था कराये जाने में पालिका प्रशासन फेल रहा है। ईओ ने बताया कि बन्दर पकड़ने के लिए टैण्डर निकाला गया है। पहले वाली फर्म ने काम करने से इंकार कर दिया था। 

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