मंत्री कपिल देव ने डीएम से कहा-एमआईटूसी कंपनी का भुगतान रोकें

मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार के मंत्री एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल के आवास पर पर पहुंचे सफाई कर्मियों ने नगरपालिका परिषद् के साथ अनुबंध के आधार पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य कर रही दिल्ली की कंपनी एमआईटूसी पर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। इसको लेकर मंत्री कपिल देव ने सफाई कर्मियों की समस्याओं का निस्तारण होने तक कूड़ा कलेक्शन कंपनी एमआईटूसी का पालिका से होने वाला भुगतान रोके जाने और जांच कराये जाने को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखकर त्वरित कार्यवाही करने के लिए कहा है।

बता दें कि नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के साथ अनुबंध के आधार पर एमआईटूसी कंपनी 55 वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने के साथ ही डलाव घरों से भी कूड़ा निस्तारण का कार्य कर रही है। पिछले दिनों हड़ताल करने के नाम पर कंपनी ने 13 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया था, तभी से ये कर्मचारी कंपनी के खिलाफ मोर्चा बंदी किये हुए हैं। मगलवार को इन कर्मचारियों में जितेन्द्र वाल्मीकि, संदीप कुमार, अंश वशिष्ठ, प्रिंस कुमार, संजय, आजाद बाबू, अंकित, विनीत अमित आदि अन्य कर्मचारियों के साथ गांधीनगर स्थित मंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास पर पहुंचकर उनसे मिले और उनको अपनी समस्या बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाये। इसके पश्चात मंत्री कपिल देव ने उनकी समस्याओं के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से फोन पर वार्ता की और बाद में उनको कंपनी के खिलाफ कार्यवाही के लिए एक पत्र भी लिखा। इसमें मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मियों के द्वारा पालिका के साथ सफाई व्यवस्था में कार्य कर रही एमआईटूसी कंपनी पर आरोप लगाये जा रहे हैं, इनमें सुपरवाईजर, ड्राईवर, हेल्पर, सफाईकर्मी आदि पदों पर सेवारत कर्मचारियों को समय से भुगतान न मिलने, उनका ईपीएफ व ईएसआई का पैसा जमा न करने, कर्मचारियों को वर्दी, दस्ताने न दिए जाने आदि को लेकर कूड़ा उठाने का कार्य कई बार बंद किया जा चुका है। आए दिन इन कर्मचारियों द्वारा हड़ताले की जाती हैं, इससे शहरी सफाई व्यवस्था भी चरमरा रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव ने कर्मचारियों की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए मंत्री कपिल देव ने कहा कि इन कर्मचारियों की समस्याओं का अविलम्ब निस्तारण कराये जाने तथा निस्तारण होने तक कंपनी का भुगतान रोके जाने का काम किया जाये। इसके साथ ही, उन्होंने कंपनी के कार्यों की कड़ी निगरानी, स्थलीय निरीक्षण व आवश्यक जांच-पड़ताल कराये जाने के लिए भी जिलाधिकारी से कार्यवाही करने को कहा है। मंत्री कपिल देव ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में इससे पहले यहां पर सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कार्य कर चुकी एटूजेड इन्फ्रास्टक्चर कंपनी का प्रकरण भी उठाते हुए कहा कि वो कंपनी भी सैंकड़ों कर्मियों का पैसा लेकर फरार हो गई थी। उस कंपनी की तरह अब इन कर्मियों के साथ कोई अन्याय या धोखाधड़ी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जो जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं, पालिका या प्रशासनिक स्तर पर, शीघ्र उठाए जाए।

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