निखरने लगी मोती झील, अब दूसरे फेज का काम शुरू

मुजफ्फरनगर। अपने रहस्य और पूरे साल जल स्रोत बने रहने के कारण कई किवदंतियों और कहानियों को समेटने वाली मोती झील जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के विशेष प्रयास के कारण अब निखरने लगी है। शुक्रवार को इस झील का सफाई अभियान पूर्ण हो जाने के बाद अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण करते हुए अगले चरण के कार्य को प्रारम्भ कराया। इसके लिए झील पर तीन फीट का बांध बनाने, नाले से कूड़ा करकट रोकने के साथ ही सौन्दर्यकरण के लिए डीपीआर बनाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है।

शहर के शामली रोड पर काली नदी के पास स्थित मोती झील अपने रहस्य और इससे जुड़े इतिहास तथा रोमांच के कारण चर्चा में रहती है। इस झील को जनपद में सुसाइड स्पॉट के रूप में भी पहचाना जाने लगा, इस झील को पर्दाफाश भी कहा जाता है और इसका संबंध कुछ लोग महाभारत काल से भी जोड़ते रहे हैं, अभी तक दयनीय अवस्था में रहने वाली इस झील के दिन अब बहुरने जा रहे हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने इस ऐतिहासिक महत्व और रहस्य को संजोने वाली मोती झील को एक पिकनिक स्पॉट के रूप में नई पहचान दिलाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए कई समाजसेवी संगठनों को जोड़ा जा रहा है। इस झील की पहले चरण में सफाई कराई गई है, जो पूरी होने के बाद अब दूसरे कार्य कराने की तैयारी है।

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शुक्रवार को डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप और ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह ने मोती झील प्रोजेक्ट कर पर काम कर रही आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के लोगों के साथ स्थलीय भ्रमण किया। यहां पर साफ सफाई के कार्य को परखने के साथ ही अन्य बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई। झील में कूड़ा करकट और प्रदूषित जल रोकने के लिए नाले का प्रबंध, जल स्तर बढ़ाने के लिए बांध निर्माण और अन्य कार्यों की आवश्यकता को लेकर विचार किया गया।

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एडीएम वित्त गजेन्द्र सिंह ने बताया कि मोती झील की सफाई का अभियान डीएम उमेश मिश्रा ने 28 अपै्रल को प्रारम्भ कराते हुए 15 दिन की समय सीमा तय की थी। झील से कूड़ा करकट और जलकुंभी की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बारिश के दिनों में झील का जल स्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए इसके चारों और तीन फीट का बांध निर्माण करने, इसमें ब्रिज की ओर से आ रहे नाले से कूड़ा करकट रोकने के लिए बीच-बीच में जाली प्रबंधन करने, प्रदूषित जल रोकने के लिए बायो कल्चर के सहारे शु(िकरण करने के कार्य कराने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही डीएम के निर्देश पर शनिवार को तहसील सदर की टीम से मोती झील की भूमि का चिन्हीकरण कराते हुए सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को हटवाने की कार्यवाही भी होगी। आर्किटेक्ट से इसके सौन्दर्यकरण के लिए डीपीआर बनवाने की कवायद भी की जा रही है। इसके लिए पालिका प्रशासन के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिये गये हैं, पालिका ने पूर्व में काली नदी रिवर फ्रंट और मोती झील के सौन्दर्यकरण के लिए डिजाइन बनवाये थे। यहां पर पाथ-वे, लाइटिंग, बैठने के लिए बैंच आदि बनवाने की योजना है। एडीएम ने बताया कि अब दूसरे चरण में नाले की सफाई के लिए पालिका ईओ को निर्देशित किया गया है, जो आज से ही शुरू करा दिया गया है। इसके बाद तीसरे चरण में सौन्दर्यकरण का काम शुरू होगा और जल्द ही मोती झील एक बड़े पिकनिक स्पॉट के रूप में नजर आयेगी।

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