मुजफ्फरनगर में घमासानः किसान यूनियन के खिलाफ सड़क पर उतरे आरडीएफ सप्लायर

आरडीएफ ट्रकों को रोकने को लेकर गहराया विवाद, ट्रांसपोर्टरों ने डीएम से की शिकायत, भाकियू नेता धर्मेन्द्र मलिक पर लगाए गंभीर आरोप

मुजफ्फरनगर। नए साल की शुरुआत के साथ ही जनपद मुजफ्फरनगर में आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) से जुड़े ट्रकों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ट्रांसपोर्टरों और सप्लायरों ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक पर अवैध वसूली, मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान यूनियन पर अवैध दबाव बनाकर पैसों की मांग करने का आरोप लगाते हुए सड़क पर आकर मोर्चा खोल दिया है। मामला अब प्रशासन के संज्ञान में है और जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच चुका है।
दूसरे राज्यों से आ रहे आरडीएफ ट्रकों की आवाजाही को लेकर जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब शुक्रवार को बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर और सप्लायर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि किसान यूनियन अराजनैतिक के नेता धर्मेन्द्र मलिक और उनके समर्थक आरडीएफ से भरे ट्रकों को गैर कानूनी ढंग से रास्ते में रोककर अवैध वसूली कर रहे हैं। इन ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उनसे प्रति ट्रक 10 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग की जा रही है। विरोध करने पर चालकों के साथ मारपीट, गाड़ियों में तोड़फोड़ और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है। इससे ट्रांसपोर्टरों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

इसे भी पढ़ें:  नोएडा में 80 मिनट तक कार पर खड़ा रहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, 50 मिनट की देरी ने ले ली जान; पिता आंखों के सामने गिड़गिड़ाते रहे

पूरा विवाद गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को उस समय सामने आया, जब भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने भोपा रोड स्थित नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चौकी बीबीपुर के पास बाहर से आए कूड़े से भरे एक ट्रक को पकड़ लिया। मौके पर कूड़ा मंगाने वाले ट्रांसपोर्टरों, सप्लायरों और भाकियू नेताओं के बीच पुलिस के सामने ही तीखी नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ता देख सभी पक्ष मंडी थाने पहुंचे, जहां किसान नेता धर्मेन्द्र मलिक ने शिकायत दर्ज कराई।
इसके अगले ही दिन शुक्रवार को ट्रांसपोर्टर और सप्लायर एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया गया कि 1 जनवरी 2026 को नोएडा से आरडीएफ लेकर मुजफ्फरनगर आ रही गाड़ी संख्या सीएच-11-बीटी-6451 को मंसूरपुर थाना क्षेत्र में रोक लिया गया। आरोप है कि धर्मेन्द्र मलिक और उनके कार्यकर्ताओं ने चालक के साथ मारपीट की और वाहन को क्षतिग्रस्त किया, जबकि ट्रक के सभी कागजात और लोडेड माल के दस्तावेज पूरे थे। ट्रांसपोर्टरों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी वाहन के कागजात अधूरे हों या माल से संबंधित कोई अनियमितता हो, तो उस पर कार्रवाई प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा की जानी चाहिए, न कि किसी संगठन या व्यक्ति द्वारा सड़क पर कानून हाथ में लेकर। उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रशासन के साथ हैं और प्रशासनिक नियमों के अनुसार ही अपना कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ज्ञापन के माध्यम से ट्रांसपोर्टरों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जिले में भयमुक्त वातावरण में ट्रांसपोर्ट का कार्य हो सके। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से सुधीर कुमार, हेमन्त मलिक, गुरमेल सिंह, मौ. फरमान, नीरज कुमार, विकास कुमार, अमित मलिक, राहुल मलिक, दीपक बालियान, गौरव अहलावत, सौरभ चौधरी, संदीप सिंह, समर, गुरमीत सिंह और कुशलपाल आदि ट्रांसपोर्टर एवं सप्लायर मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें:  नेपाल की हिंसा में फंसे मुजफ्फरनगर के भाजपा नेता

किसी भी कीमत पर जिले में नहीं जलने देंगे कूड़ा, आरोप बेबुनियादः धर्मेन्द्र मलिक

मुजफ्फरनगर। आरडीएफ ट्रकों को लेकर लगाए गए आरोपों पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों द्वारा लगाए गए अवैध वसूली और मारपीट के आरोप पूरी तरह निराधार, झूठे और उन्हें बदनाम करने की साजिश का हिस्सा हैं।
धर्मेन्द्र मलिक ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार की वसूली करना नहीं है, बल्कि जनपद में अवैध रूप से लाए जा रहे कूड़े और आरडीएफ के नाम पर नियमों की अनदेखी कर हो रहे कारोबार को रोकना है। किसी भी सूरत में जनपद में कूड़े को जलने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले कई ट्रक बिना पर्यावरणीय मानकों और आवश्यक अनुमति के जिले में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ट्रांसपोर्टर और सप्लायर अवैध तरीके से कूड़ा फैक्ट्रियों तक पहुंचा रहे हैं और जब किसान यूनियन इसका विरोध करती है तो उल्टा उन पर ही दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगाए जाते हैं।

इसे भी पढ़ें:  नोएडा इंजीनियर मौत मामला: CM योगी सख्त, CEO हटाए गए, SIT से होगी पूरे प्रकरण की जांच

Also Read This

नई मंडी में जर्जर टेलीफोन खंभा बना खतरा, हादसे की आशंका

गौशाला रोड पर झुका निष्प्रयोज्य खंभा, विद्युत केबल बंधे होने से करंट फैलने का भी डर मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र की व्यस्ततम गौशाला रोड पर विभागीय लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। गौशाला के बाहर शौचालय के समीप लगा टेलीफोन का जर्जर और निष्प्रयोज्य खंभा लंबे समय से सड़क की ओर झुका हुआ है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक इसे हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-ट्रैक्टर चालक को रोडवेज बस ने मारी टक्कर, मौतस्थानीय लोगों का कहना है कि खंभा नीचे से पूरी तरह गल चुका है और मुड़ने के कारण कभी भी सड़क पर गिर सकता

Read More »

खतौली पुलिस ने दो शातिर अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

अवैध हथियार रखने के आरोप में हुई कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा मुजफ्फरनगर। जनपद में अपराधियों, वारंटियों और वांछित अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खतौली पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया। इसे भी पढ़ें:  “अब वो कभी नहीं मिलेंगे…” ताबूत से लिपटकर रोती रही मां, देहरादून हादसे में मेजर शुभम शहीदवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी खतौली और प्रभारी

Read More »

नहरों में पानी न आने से किसानों में भारी रोष, 30 मई को आंदोलन

भीषण गर्मी, बिजली कटौती और सूखे से सैकड़ों गांव प्रभावित, भाकियू नेता विकास शर्मा ने सिंचाई विभाग को ठहराया जिम्मेदार मुजफ्फरनगर। जिले में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी, बारिश की कमी, नहरों में पानी न आने और अंधाधुंध बिजली कटौती ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिंचाई व्यवस्था चरमराने से खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भारतीय किसान यूनियन के नेता एवं जिला पंचायत सदस्य पति विकास शर्मा ने सिंचाई विभाग और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। इसे भी पढ़ें:  अखिलेश का फैसला-यूपी में नेता प्रतिपक्ष होंगे माता प्रसाद

Read More »