सहारनपुर। स्टोन क्रेशर्स एसोसिएशन की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद मंगलवार आधी रात से स्टोन क्रेशर बंद कर खनन कारोबारियो ने हड़ताल शुरू कर दी। स्टोन क्रेशर्स मालिकों का आरोप है कि खनन विभाग क्रेशर मालिकों के उत्पीड़न करने पर तुला है। क्रेशर बंद होने से बाजार में खनिज सामग्री की कीमतों में भी उछाल आ सकता है जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ सकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी प्रदीप राणा ने कहा कि कारोबारियों पर लगातार बढ़ते दबाव और विभागीय कार्रवाई के चलते यह कदम उठाना पड़ा है। एसोसिएशन ने रैंप पट्टों का बहिष्कार करने के साथ ही नए पट्टों के लिए आवेदन नहीं करने तथा स्वीकृत रैंप पट्टों से आरबीएम की खरीद नहीं करने का निर्णय लिया है। कारोबारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की भी तैयारी की जा रही है । हड़ताल का असर खनन कारोबार के साथ-साथ निर्माण सामग्री की आपूर्ति पर भी पड़ने की संभावना है। बजरी और रेत की आपूर्ति प्रभावित होने से निर्माण कार्यों पर असर पड़ सकता है। वहीं इस कारोबार से जुड़े मजदूरों, वाहन चालकों, मशीन ऑपरेटरों और अन्य छोटे कारोबारियों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा होने की आशंका है। कारोबारियों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
