सोशल मीडिया पर छाई शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की वीरगाथा ‘वर्दी

पुलिस स्मृति दिवस पर रिलीज लघु फिल्म को मिले 12 लाख से अधिक व्यूज, तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में दिखा शहीद के साहस और परिवार के दर्द की भावनात्मक तस्वीर

मुजफ्फरनगर। शामली में कुख्यात मुकीम काला गिरोह के बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए यूपी एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार के अदम्य साहस और बलिदान की कहानी अब लघु फिल्म ‘वर्दी’ के माध्यम से लोगों तक पहुंच रही है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से रिलीज की गई इस फिल्म को सोशल मीडिया पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। यूपी पुलिस के अनुसार, विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फिल्म को अब तक 12 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। इसके प्रचार के लिए यूपी पुलिस ने अपने फेसबुक के साथ ही सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म अकाउंट की प्रोफाइल तस्वीर भी बदली है। पहले जहां पुलिस मुख्यालय की इमारत की तस्वीर दिखाई देती थी, वहीं अब फिल्म ‘वर्दी’ का पोस्टर नजर आ रहा है।

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मुठभेड़ में तीन गोलियां लगने के बावजूद संभाला मोर्चा

फिल्म की कहानी 20 जनवरी 2025 की रात शामली के चौसाना क्षेत्र में गंगोह मार्ग पर हुई मुठभेड़ की वास्तविक घटना पर आधारित है। उस दौरान यूपी एसटीएफ की मेरठ यूनिट की टीम का सामना मुकीम काला गिरोह से जुड़े बदमाशों से हुआ था।

मुठभेड़ में निरीक्षक सुनील कुमार को गोलियां लगीं, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने टीम का नेतृत्व करते हुए मोर्चा संभाले रखा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक लाख रुपये के इनामी अरशद समेत चार बदमाश मारे गए थे। इस दौरान गंभीर रूप से घायल सुनील कुमार ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनके बलिदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।

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वर्दी के पीछे छिपे परिवार के दर्द को भी दिखाया

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में केवल मुठभेड़ और पुलिस अधिकारी की बहादुरी ही नहीं, बल्कि उनके जाने के बाद परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव को भी संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म यह संदेश देती है कि वर्दी पहनकर कर्तव्य निभाने वाले पुलिसकर्मी का बलिदान उसके परिवार के जीवन को भी गहराई से प्रभावित करता है।

फिल्म में अभिनेता अमित साध, अलका अमीन और नाजिश खान ने अभिनय किया है। इसकी पटकथा और वॉयस ओवर यूपी पुलिस के सिपाही कपिल दिनकर ने तैयार किया है, जबकि क्रिएटिव डायरेक्शन की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक राहुल श्रीवास्तव ने संभाली। फिल्म का निर्माण डीजीपी राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहयोग से किया गया है।

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इंस्टाग्राम पर फिल्म को सबसे अधिक प्रतिक्रिया मिली

उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, ‘वर्दी’ को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोगों ने देखा है। इनमें इंस्टाग्राम पर फिल्म को सबसे अधिक प्रतिक्रिया मिली है, जहां इसके व्यूज करीब 12 लाख तक पहुंचने की जानकारी दी गई है।

फिल्म के माध्यम से पुलिस विभाग ने शहीद जवानों और अधिकारियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा तथा उनके परिवारों के संघर्ष को सामने लाने का प्रयास किया है। शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की कहानी को पर्दे पर उतारने वाली यह फिल्म पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियों और उनके बलिदान के मानवीय पहलू को रेखांकित करती है। सोशल मीडिया पर इसे मिल रही प्रतिक्रिया के जरिए शहीद पुलिसकर्मियों की वीरगाथा नई पीढ़ी तक पहुंच रही है।

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