वैष्णो देवी यात्रा मार्ग अर्धकुंवारी में भूस्खलन, 34 श्रद्धालुओं की मौत और कई घायल

वैष्णो देवी भूस्खलन अपडेट: दो मासूम भाइयों समेत 5 लोगों की मौत, कई घायल

मुजफ्फरनगर शहर के छह लोगों की अब तक मौत, कई गंभीर, दो दर्जन श्रद्धालु फंसे

रामपुरी शाहबुद्दीनपुर के गरीब परिवारों के 23 लोग गये थे माता के दरबार, दो साल की खुशी सहित 12 बच्चे रहे शामिल

मुजफ्फरनगर। जम्मू-कश्मीर के माता धाम वैष्णो देवी में हुई भयंकर भू-स्खलन की भयावह घटना से मुजफ्फरनगर गहरा शोक बना है। घटना के पहले ही दिन परिवार के इकलौते पुत्र कातिर्क कश्यप की मौत की खबर से लोगों के मन अभी तक भारी हैं, तो गुरूवार की असुबह आई एक दर्दनाक खबर ने इस दुख को और गहरा कर दिया। इस हादसे में गरीब परिवार के दो सगे मासूम भाइयों सहित पांच अन्य लोगों की मौत हो गई है। इनमें इन मासूम बच्चों सहित मां-बेटी भी शामिल बताई गई है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और करीब दो दर्जन से ज्यादा लोग अभी तक फंसे हुए हैं। इनमें से कुछ लापता बताये जा रहे हैं। इन परिवारों के लोग खबर मिलते ही अपनों तक पहुंचने के लिए रवाना हो गये।

26 अगस्त को जम्मू कश्मीर के अर्धकुमारी में मां वैष्णो देवी की यात्रा पर गये लोगों के साथ हादसा हो गया। बताया गया कि यहां बादल फटने की घटना के कारण अर्धकुमारी पर भूस्खलन हो गया। इसमें बड़े पैमाने पर लोग दब गये, जिनमें से करीब तीन दर्जन लोगों की मौत होने की खबर है। पहले ही दिन शहर के रामलीला टिल्ला निवासी सिविल इंजीनियर मिंटू कश्यप और उनके परिवार के चार लोग प्रभावित हुए, इनमें उनकी पत्नी संगीता, पुत्री उमंग, पुत्र कार्तिक और साले की लड़की वैष्णवी शामिल रहे। कार्तिक की मौत हो गई। कार्तिक उनका इकलौता पुत्र था। इस हादसे की खबर से जनपद में शोक का माहौल बना हुआ था कि इस गम हो दूसरी खबर ने और गहरा कर दिया।
बुधवार की देर रात जम्मू कश्मीर से मुख्यालय पर खबर आई कि वहां मुजफ्फरनगर के पांच अन्य लोगों की भी मौत हो गई है। इस खबर ने पूरी हलचल मचा दी।

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पुलिस प्रशासन के अफसरों के साथ ही मीडिया कर्मियों ने भी छानबीन की। जानकारी के अनुसार शहर के वार्ड संख्या 21 के अन्तर्गत आने वाले मौहल्ला दक्षिणी रामपुरी शाहबुद्दीनपुर रोड के करीब दो दर्जन लोग वहां पर फंसे हुए हैं, जिनमें से पांच लोगों की मौत हुई है। वार्ड सभासद भाजपा नेता रजत धीमान ने बताया कि रामपुरी डबल टंकी के पास दो गलियों में निवास करने वाले प्रजापति समाज के शनि 8, ममतेश 48, रामबीरी 49, अंजली 21, आकांक्षा 15, अजय कुमार 35, खुशी 16, नेकित 13, डोली 30, धरमवीर 55, विदान 10, वैभव 10, पूरवी 7, अवनी 6, राखी 30, मोनिका 33, अनु 5, खुशी 2, संगीता 30, दीपेश 7, अनंत 9, पूरवी 6 सहित करीब 24 लोग 25 अगस्त की शाम माता वैष्णो देवी की यात्रा पर ट्रेन से एक साथ रवाना हुए थे। इन श्र(ालुओं के दल का नेतृत्व समाज के 55 वर्षीय धरमवीर कर रहे थे। वो खुद भी अपनी बेटी और अन्य परिजनों को साथ लेकर गये थे। बुधवार की देर रात करीब 11 बजे जम्मू कश्मीर से धरमवीर के परिजनों के पास एक फोन आया, जिसमें हादसे में उनके घायल होने और इस दल में शामिल पांच लोगों रामबीरी 49 पत्नी इन्दरपाल और अंजली 22 पुत्री इन्दरपाल, ममतेश 48 पत्नी रविन्द्र सिंह, अनंत कुमार 9 और दीपेश कुमार 7 पुत्रगण अजय प्रजापति की मौत की खबर दी गई है। बताया गया कि इस सूचना में कहा गया है कि ये पांचों हादसे के दिन 26 अगस्त से ही लापता हैं, आपदा टीम के सदस्य लगातार इनको तलाश कर रहे हैं, लेकिन पता नहीं चल पाया। इन पांचों के मरने की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गुरूवार सवेरे इन परिवारों के सदस्य जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो गये थे।

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वैष्णो देवी भूस्खलन: मृतक माँ रामबीरी और बेटी अंजलि
वैष्णो देवी भूस्खलन: मृतक माँ रामबीरी और बेटी अंजलि

इस हादसे में मुजफ्फरनगर शहर के छह लोगों के मरने की खबर अब तक आ चुकी है। रामपुरी के जिन पांच लोगों के मरने की खबर आई हैं, वो सभी मजदूर परिवारों से सम्बंध रखते थे। सभासद रजत धीमान ने बताया कि उन्होंने सभी प्रभावितों की सूची मंत्री कपिल देव अग्रवाल को उपलब्ध करा दी थी। बताया कि मंत्री कपिल देव ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा को उक्त सूची भेजी है और उनसे प्रभावित की मदद कराने का आग्रह किया है।

मृतकों के परिजनों को चार देगी योगी सरकारः कपिल देव

मुजफ्फरनगर। माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन की दुखद घटना में मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की घोषणा की है। नगर विधायक एवं मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि दृयह सच है कि इस सहायता राशि से मृतक हमारे बीच वापस नहीं आ सकते, लेकिन इस कदम से उनके परिजनों को कठिन समय में आर्थिक सहयोग अवश्य मिलेगा। राज्य सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव मदद प्रदान करेगी। कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हमेशा की तरह इस संकट की घड़ी में भी मानवीय संवेदनाओं को सर्वाेपरि रखते हुए त्वरित निर्णय लिया है।

वैष्णो देवी भूस्खलन: मृतक दीपांशु और अनंत, जबकि पूर्वी गंभीर रूप से घायल
वैष्णो देवी भूस्खलन: मृतक दीपांशु और अनंत, जबकि पूर्वी गंभीर रूप से घायल

 

 

दो मासूम बेटों को खोकर सुध भूल बैठी मां, बेटी को बचाया

मुजफ्फरनगर। वैष्णो देवी भूस्खलन की भयावह घटना में परिवार उजड़ गये हैं। दक्षिणी रामपुरी के दिहाड़ी मजदूर अजय कुमार प्रजापति भी ऐसे ही अभागे हैं। एक तंग गली में स्थित अजय का मकान उनकी दरिद्रता भरी दयनीय जिन्दगी की कहानी बयां कर रहा है। 35 वर्षीय अजय प्रजापति अपने पिता देशराज पुत्र भगवान शाह को घर पर छोड़कर 25 अगस्त को धरमवीर प्रजापति के साथ वैष्णो देवी की यात्रा पर घर से निकले थे।

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उनके साथ उनकी पत्नी मोनिका 33, पुत्र अनंत 9, दीपांशु 7 और पुत्री पूरवी 6 साल भी थे। हादसे में अपने दोनों पौत्रों को गंवा देने के कारण गमजदा दादा देशराज प्रजापति ने बताया कि उनको करीब 11 बजे हादसे की खबर धरमवीर के परिवार से मिली, वहीं पर फोन आया था। बताया गया कि अजय, मोनिका और पूरवी ही बचे हैं, दीपांशु और अनंत की मौत हो गई, उनका कुछ पता नहीं चल पाया।

वैष्णो देवी में भूस्खलन से मृतक ममतेश, परिवार में छाया गहरा शोक
वैष्णो देवी में भूस्खलन से मृतक ममतेश, परिवार में छाया गहरा शोक

अजय और पूरवी के दोनों पैर मलबे में दबने के कारण पूरी तरह से खराब बताये जा रहे हैं, वो हॉस्पिटल में हैं। देशराज ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी दुनिया ही लुट गई है। बहु मोनिका ने ही मलबे में दबी पूरवी को अपने हाथों से मलबा हटाकर निकाला। दोनों बेटों को खोने के कारण वो सुध खो बैठी है, पागलों जैसा हाल हो गया। वहीं मृतक ममतेश पत्नी रविन्द्र के जेठ जनेश्वर पुत्र मान सिंह ने बताया कि उसका भाई रविन्द ईंट भट्टे पर बुग्गी चलाकर मजदूरी करता है। ममतेश अपनी पुत्री आकांक्षा 15 के साथ गई थी। उसकी मौत की खबर है। ममतेश की सात पुत्रियां हैं। आकांक्षा के बारे में भी कोई खबर नहीं मिली है। ममतेश के सामने घर में रहने वाले इन्दरपाल की पत्नी रामबीरी 49 और उनकी पुत्री अंजली 22 की भी मौत की खबर है। अंजली के भाई विवेक प्रजापति ने बताया कि रात्रि 11 बजे से वो जाग रहे हैं। मन परेशान है। उनकी बहन अंजली ने इंटर तक शिक्षा ग्रहण की और अब वो परिवार को सहारा देने के लिए शाहबुदीनपुर में स्थित रेशुपाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा नौ के बच्चों को शिक्षा देने के लिए टीचर के रूप में नौकरी कर रही थी।

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