थानाभवन में श्मशान घाट की राह बदहाल, ईओ की नीयत पर सवाल

एक साल से अटका सड़क निर्माण, टेण्डर स्वीकृति के बाद भी ठेकेदार को नहीं मिला वर्क ऑर्डर, कीचड़ में गुजर रही अंतिम यात्रा

थानाभवन। विकास योजनाओं की सफलता केवल सरकारी कागजों में स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से नहीं, बल्कि धरातल पर उनके समयबद्ध क्रियान्वयन से तय होती है। थानाभवन नगर पंचायत क्षेत्र में शासन की प्राथमिकता वाली विकास योजना के तहत श्मशान घाट तक जाने वाली प्रस्तावित एक सड़क की स्थिति जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। करीब एक साल पहले निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। बारिश के दिनों में यही मार्ग जलभराव, कीचड़ और गंदगी से बदहाल हो गया है और लोगों को अपने मृत परिजनों की अंतिम यात्रा तक इसी दुश्वार रास्ते से होकर श्मशान घाट पहुंचानी पड़ रही है, जिस कारण जनता में अफसरों के प्रति भारी आक्रोश बना हुआ है।

नगर पंचायत थानाभवन क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगरीय विकास योजना के अंतर्गत करीब एक करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन्हीं कार्यों में वार्ड नंबर दो के मोहल्ला नबीपुरा में शामली-सहारनपुर मुख्य मार्ग से श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी तक सीसी सड़क एवं नाली निर्माण का कार्य भी शामिल है। बताया गया है कि इस सड़क के निर्माण के लिए करीब 20 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई थी। नगर पंचायत की ओर से इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई और कार्य मैसर्स अमन कुमार कॉन्ट्रेक्टर के नाम स्वीकृत किया गया। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के करीब एक वर्ष बाद भी संबंधित ठेकेदार को कार्य शुरू करने के लिए वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया।

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आरोपों के सम्बंध में सवाल उठा तो इसके लिए जवाब भी मांगा गया। इसमें नगर पंचायत की ओर से दी गई जानकारी में 22 अगस्त 2026 तक की अद्यतन स्थिति के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ठेकेदार का चयन भी किया जा चुका है, लेकिन इसके लिए अभी वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों की लापरवाही इससे साफ उजागर होती है, इस नकारात्मक कार्यशैली का नतीजा यह है कि जिस सड़क का निर्माण जनसुविधा और विकास के उद्देश्य से होना था, वह आज भी बदहाल स्थिति में पड़ी है।

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यह मार्ग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी रास्ते से लोग श्मशान घाट तक पहुंचते हैं। वर्तमान में क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह पानी भर गया है और कीचड़ व गंदगी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान शवयात्रा के साथ श्मशान घाट तक पहुंचना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शासन की प्राथमिकता वाली योजना के तहत स्वीकृत कार्य में इस प्रकार की देरी नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। लोगों का कहना है कि जब आमजन से जुड़ी और प्राथमिकता में शामिल विकास योजना को समय पर धरातल पर नहीं उतारा जा रहा है, तो अन्य विकास कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

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स्थानीय नागरिकों ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने, वर्क ऑर्डर तत्काल जारी करने और बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव एवं कीचड़ की समस्या से राहत दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि श्मशान घाट तक जाने वाले मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को कम से कम इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े। इस गंभीर मामले में नगर पंचायत थानाभवन के अधिशासी अधिकारी जितेन्द्र राणा का पक्ष जानने और सड़क निर्माण में देरी की वास्तविक वजह पता करने के लिए ‘दैनिक नयन जागृति संवाददाता’ ने उनसे मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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